उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद Chandrashekhar Azad ने बड़ा चुनावी ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी। पार्टी पिछले साढ़े चार वर्षों से चुनाव की तैयारी कर रही है और अब उसकी तैयारी पूरी है।
चंद्रशेखर आजाद ने विपक्षी एकजुटता की वकालत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी चाहती थी कि भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए विपक्षी दल एक साथ आएं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि आजाद समाज पार्टी अकेले भी चुनाव लड़ने में सक्षम है।
भाजपा सरकार पर साधा निशाना
लखनऊ में भाजपा की बैठक को लेकर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि इस बार उत्तर प्रदेश की जनता बदलाव करेगी। भाजपा सरकार के सुशासन के दावों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने ईको गार्डन में चल रहे धरना-प्रदर्शनों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि पंचायत सहायक, शिक्षक भर्ती, मेडिकल कॉलेज, सीएचओ, सहकारी समितियों से जुड़े कर्मचारी, रोजगार सेवक, आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, रोजगार और भर्ती से जुड़े लोगों का लगातार सड़कों पर उतरना सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े करता है।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए आजाद ने कहा कि चुनाव तो अच्छे हुए, लेकिन मतदाता सूची में कई कमियां थीं। उन्होंने मतदाता सूची में सुधार की जरूरत बताते हुए चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग की।
उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव भी बैलेट पेपर से कराने की मांग दोहराई। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge की इस मांग का समर्थन करते हुए उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि अगर उसे अपनी लोकप्रियता पर भरोसा है तो बैलेट पेपर से चुनाव कराने में परेशानी नहीं होनी चाहिए।
आजाद ने भाजपा पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने हाथरस के पीड़ित परिवार से किए गए वादों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार उन पर खरी नहीं उतरी है।
अधिवक्ताओं की मांगों पर भी बोले चंद्रशेखर
अधिवक्ताओं के सम्मेलन को लेकर आजाद ने कहा कि वकील लंबे समय से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। सम्मेलन में अधिवक्ताओं की सुरक्षा, कैशलेस इलाज की सीमा बढ़ाने, दुर्घटना की स्थिति में मुआवजा, चैंबर की व्यवस्था, नए वकीलों की समस्याओं और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने न्यायपालिका में बहुजन समाज की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि अधिवक्ताओं की समस्याओं का समाधान निकालने के लिए गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए।
जामिया में छात्रसंघ चुनाव का किया स्वागत
जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ने पर चंद्रशेखर आजाद ने छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि छात्रों को इसके लिए संघर्ष करना पड़ा है। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों के आंदोलन का भी उल्लेख किया और उत्तर प्रदेश के उन विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग की, जहां चुनाव बंद हैं।
युवाओं के आंदोलन और सरकारी नियमों पर उठाए सवाल
सरकारी नौकरी पाने के लिए उत्तर प्रदेश में लागू नए नियमों को लेकर भी आजाद ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नौजवानों और बेरोजगारों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल और देश आंदोलन के जरिए आगे बढ़े हैं और भाजपा ने भी विपक्ष में रहते हुए आंदोलन किए थे। अब सत्ता में रहते हुए विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता 2027 के चुनाव में इसका जवाब देगी।
INDIA गठबंधन की रैली और SIR पर उठाए सवाल
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित INDIA गठबंधन की रैली पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि यह कार्यक्रम गठबंधन के घटक दलों की ओर से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि इससे लोगों के मन में चुनाव प्रक्रिया को लेकर अविश्वास पैदा हुआ है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र जनता के जनमत और उसके विश्वास से चलता है। जब जनता का भरोसा उठ जाता है तो जिम्मेदार लोगों को इस्तीफा देना चाहिए।
चंद्रशेखर आजाद के इस बयान से साफ है कि आजाद समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटी है। पार्टी विपक्षी गठबंधन की संभावना भी खुली रखना चाहती है, लेकिन जरूरत पड़ने पर अकेले चुनाव मैदान में उतरने का दावा कर रही है।




