Saturday, 31 October 2026
राष्ट्रीय

संसद का अपमान कर रही भाजपा, सीईसी की नियुक्ति पर भी उठाए सवाल: जयराम रमेश

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भाजपा की ओर से आयोजित ‘मॉक पार्लियामेंट’ कार्यक्रम की आलोचना करते हुए आरोप लगाया है कि सत्ताधारी पार्टी वर्ष 2014 से लगातार संसद की गरिमा और उसकी संस्थागत भूमिका को कमजोर कर रही है।

जयराम रमेश ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भाजपा समर्थकों की ओर से मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया जाना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर संसद में विधेयकों को जबरन पारित कराने, जनहित के मुद्दों पर चर्चा से बचने और संसदीय संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि संसद के दोनों सदनों को आत्म-प्रशंसा का मंच बना दिया गया है और संसदीय लोकतंत्र की परंपराओं का बार-बार मजाक उड़ाया जा रहा है।

सीईसी को कानूनी संरक्षण देने वाले कानून पर उठाए सवाल

जयराम रमेश ने दिसंबर 2023 में पारित मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त को व्यापक कानूनी संरक्षण दिया गया, जबकि उस समय विपक्ष के 145 सांसद निलंबित थे।

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। रमेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कामकाज से करोड़ों भारतीयों के संवैधानिक मताधिकार पर असर पड़ रहा है।

एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर जारी है राजनीतिक टकराव

जयराम रमेश की यह टिप्पणी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच जारी विवाद के बीच आई है। इंडिया ब्लॉक के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विपक्ष ने कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कई कार्यक्रम भी आयोजित किए हैं, जिनमें मॉक पार्लियामेंट का सत्र शामिल है।

वहीं, भाजपा विपक्ष के आरोपों को लगातार खारिज करती रही है। पार्टी का कहना है कि संसद की कार्यवाही नियमों के अनुसार संचालित होती है और चुनाव आयोग स्वतंत्र रूप से काम करता है। भाजपा ने विपक्ष के अभियान को चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने की कोशिश बताया है।

भाजपा से जुड़े संगठन ने आयोजित की मॉक पार्लियामेंट

भाजपा से जुड़े संगठन ‘सिटीजन्स फॉर डेमोक्रेसी’ ने 30 अक्टूबर को नई दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में ‘लोकतंत्र बनाम अराजकता’ विषय पर मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देशभर से आए युवाओं ने हिस्सा लिया और सत्तापक्ष तथा विपक्ष के वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं की भूमिकाएं निभाईं।

यह आयोजन इंडिया ब्लॉक के मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम के समानांतर हुआ। जयराम रमेश का बयान संसद की कार्यवाही, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक बहस को दर्शाता है।

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