Friday, 30 October 2026
बिहार

अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, दुलारचंद यादव हत्याकांड में 1 दिसंबर तक करना होगा सरेंडर

Patna: JD(U) MLA Anant Kumar Singh during a one-day special session of the state Legislative Assembly in Patna, Friday, April 24, 2026. (Photo: IANS)

बिहार के मोकामा से विधायक और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से निष्कासित अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने इस मामले में पटना हाईकोर्ट से मिली उनकी जमानत रद्द कर दी है। साथ ही अनंत सिंह को 1 दिसंबर 2026 तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पुलिस को मामले की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने का भी आदेश दिया है।

यह आदेश दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार की याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। नीरज कुमार ने पटना हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें अनंत सिंह को जमानत दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब अनंत सिंह को दोबारा न्यायिक हिरासत में जाना होगा।

क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड?

यह मामला बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान हुई एक हिंसक घटना से जुड़ा है। 30 अक्टूबर 2025 को पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल के बसावनचक गांव में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थक दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी।

बताया गया था कि उस दौरान मोकामा से तत्कालीन जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों के बीच विवाद के बाद हिंसक झड़प हुई थी। इसी घटना में दुलारचंद यादव की मौत हो गई। मामले में अनंत सिंह को आरोपी बनाया गया और बाद में उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

दुलारचंद यादव के परिजनों ने आरोप लगाया था कि उन्हें जबरन गाड़ी से बाहर खींचकर वाहन से कुचला गया और गोली भी मारी गई। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गोली लगना नहीं बताया गया था। रिपोर्ट में कार्डियो-रेस्पिरेटरी फेलियर और शरीर पर भारी वाहन की टक्कर से मेल खाने वाली चोटों का उल्लेख किया गया था।

हाईकोर्ट से मिली थी जमानत

इस मामले में निचली अदालत ने अनंत सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद पटना हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2026 को उन्हें जमानत दे दी थी। 23 मार्च को वह जेल से बाहर आए थे।

अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा था और मोकामा सीट से जीत हासिल की थी। उन्होंने पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को चुनाव में हराया था।

अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करना होगा। मामले की जांच चार महीने में पूरी करने के निर्देश के बाद पुलिस की कार्रवाई पर भी नजर रहेगी। हालांकि, इस मामले में अनंत सिंह के खिलाफ आरोपों का अंतिम फैसला अभी अदालत में होना बाकी है।

यह ख़बर साझा करें:

अपनी बात कहें