पटना के गर्दनीबाग में 15 सूत्री मांगों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में छात्र-युवा संघर्ष मोर्चा ने 25 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान किया है। मोर्चा ने बिहारभर के छात्रों, अभ्यर्थियों और युवाओं से इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। इसके लिए 25 अगस्त को सुबह 10 बजे गांधी मैदान के गेट नंबर 10 के पास जुटने और वहां से मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
इससे पहले आज 24 अगस्त को छात्र-युवा संघर्ष मोर्चा की ओर से एक दिवसीय भूख हड़ताल की जा रही है। मोर्चा के नेताओं ने 23 अगस्त को गर्दनीबाग धरना स्थल पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की। मोर्चा में 15 छात्र-युवा संगठन शामिल हैं।
15 छात्र-युवा संगठनों ने बनाया संघर्ष मोर्चा
बिहार के वरिष्ठ छात्र नेता सुशील कुमार ने बताया कि छात्र-युवा संघर्ष मोर्चा में एनएसयूआई, एआईएसएफ, एसएफआई, आइसा, एसएसएआई, एबीएसयू, एआईवाईएफ, डीवाईएफआई, युवा कांग्रेस, आरवाईए, द ग्रेट भीम आर्मी, दिशा, समाजवादी छात्र सभा, सोशल जस्टिस आर्मी और द सोशलिस्ट संगठन शामिल हैं।
संवाददाता सम्मेलन में वरिष्ठ छात्र नेता सुशील कुमार, एसएसएआई के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव लारायब अकरम, एबीएसयू के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ पटेल, एआईएसएफ के राज्य अध्यक्ष सुधीर कुमार, एनएसयूआई की राज्य उपाध्यक्ष भाग्य भारती, आइसा के राज्य सचिव दीपांकर, डीवाईएफआई के राज्य अध्यक्ष आसिफ अली, द ग्रेट भीम आर्मी के अध्यक्ष अमर आजाद, एआईवाईएफ के राज्य अध्यक्ष शम्भू देवा, युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव संस्कार राय, एसएफआई की प्रदेश अध्यक्ष कांति कुमारी, दिशा के अजीत और समाजवादी छात्र सभा के सूरज यादव समेत अन्य नेताओं ने अपनी बात रखी।
मोर्चा के नेताओं ने कहा कि 25 अगस्त के मुख्यमंत्री आवास मार्च में बिहार के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल होंगे। इसके लिए पूरे बिहार के छात्रों और अभ्यर्थियों से पटना पहुंचने की अपील की जा रही है।
किन मुद्दों को लेकर आंदोलन?

गर्दनीबाग में चल रहा छात्र आंदोलन मुख्य रूप से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, लंबित नियुक्तियों, परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर है।
गर्दनीबाग में जारी 15 सूत्री छात्र आंदोलन, अमन कुमार और जाह्नवी राय के आमरण अनशन तथा आंदोलन की प्रमुख मांगों की पृष्ठभूमि और अब तक के घटनाक्रम के लिए गर्दनीबाग आंदोलन की हमारी पिछली ग्राउंड रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।
आंदोलनकारियों की 15 सूत्री मांगों में 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने, TRE-4 में एकल परीक्षा कराने और निगेटिव मार्किंग हटाने जैसी मांगें शामिल हैं।
मोर्चा ने ललित कला, संगीत, नृत्य और कंप्यूटर साइंस समेत उन विषयों में सीट बढ़ाने की मांग की है, जहां उसके अनुसार पर्याप्त सीटें नहीं हैं।
इसके अलावा BSSC की इंटर और स्नातक स्तरीय परीक्षाओं, दारोगा भर्ती, AEDO समेत लंबित परीक्षाओं की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई है। मोर्चा ने सभी भर्ती परीक्षाओं के लिए परीक्षा कैलेंडर सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता का मुद्दा भी आंदोलन में शामिल है। इसके साथ सहायक प्राध्यापक भर्ती में 55 वर्ष की उम्र सीमा और 2018 रेगुलेशन के टेबल 3A को लागू करने तथा अनुबंध की जगह स्थायी और नियमित नियुक्ति की मांग उठाई गई है।
15वें दिन भी गर्दनीबाग में धरना, अनशन जारी

जब यह खबर लिखी जा रही है, तब गर्दनीबाग में 15 सूत्री मांगों को लेकर अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन धरना 15वें दिन में है।
इसी आंदोलन में अमन कुमार आठवें दिन और जाह्नवी राय पांचवां दिन आमरण अनशन पर हैं। दोनों लगातार छात्रों और अभ्यर्थियों से आंदोलन में शामिल होने की अपील कर रहे हैं।
इसके साथ ही 25 अगस्त 2026 को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास मार्च में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने के लिए दोनों विभिन्न माध्यमों से छात्रों और अभ्यर्थियों का आह्वान कर रहे हैं।
जाह्नवी राय की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें एंबुलेंस से गर्दनीबाग अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टरों ने सलाइन चढ़ाने की जरूरत बताई थी। हालांकि, जाह्नवी ने आंदोलन स्थल पर ही सलाइन चढ़ाने की मांग की।
कुमुद पटेल का 21वें दिन भी अनशन, स्वास्थ्य को लेकर चिंता
गर्दनीबाग में छात्र-अभ्यर्थियों के आंदोलन के समानांतर पीएचडी शोधार्थियों का अलग आंदोलन भी जारी है। बिहार प्राध्यापक नियमावली 2026 को रद्द करने समेत छह सूत्री मांगों को लेकर ऑल पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनर तले कुमुद पटेल आमरण अनशन पर हैं।
24 अगस्त को उनके अनशन का 21वां दिन है। लंबे अनशन के बीच उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता बढ़ रही है।
The Azadi के संवादाता ने रविवार देर रात गर्दनीबाग धरना स्थल पर कुमुद पटेल की स्थिति को मौके पर देखा। वह उस समय लेटे हुए थे और काफी कमजोर नजर आ रहे थे।
उनके साथ मौजूद लोगों ने बताया कि लंबे समय से अनशन के कारण उनके पैर में सूजन है और पैर के निचले हिस्से की त्वचा का रंग पीला दिखाई दे रहा है। साथियों ने मांग की कि कुमुद पटेल को धरना स्थल पर ही आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
कुमुद पटेल के आह्वान पर हुआ राजभवन मार्च

कुमुद पटेल के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के तहत 22 अगस्त को राजभवन मार्च भी किया गया था। यह मार्च ऑल पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार के आह्वान पर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, अभ्यर्थी और रिसर्च स्कॉलर शामिल हुए।
शहीद वीर कुंवर सिंह आज़ादी पार्क द्वार से निकली मार्च को कुछ दूर आगे बढ़ने के बाद आर ब्लॉक चौराहे के पास पुलिस ने रोक दिया गया था।
अब कुमुद पटेल और उनके साथ आंदोलन कर रहे शोधार्थी भी 25 अगस्त के मुख्यमंत्री आवास मार्च में शामिल होने और अधिक से अधिक छात्रों-अभ्यर्थियों को जुटाने की अपील कर रहे हैं।
अमन कुमार और जाह्नवी राय भी कर रहे हैं छात्रों से अपील
दूसरी ओर, अमन कुमार भी लगातार आमरण अनशन पर हैं। लगातार भूख हड़ताल के कारण वह शारीरिक रूप से कमजोर होते दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद वह छात्रों और अभ्यर्थियों से 25 अगस्त के मुख्यमंत्री आवास मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील कर रहे हैं।
जाह्नवी राय भी विभिन्न माध्यमों से छात्रों और अभ्यर्थियों से 25 अगस्त के मार्च में शामिल होने का आह्वान कर रही हैं।
इस तरह गर्दनीबाग में चल रहे अलग-अलग छात्र और शोधार्थी आंदोलनों के बीच 25 अगस्त का मुख्यमंत्री आवास मार्च एक साझा कार्यक्रम के रूप में सामने आ रहा है।
25 अगस्त को गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास तक मार्च
आंदोलनकारियों ने बिहार के सभी जिलों के छात्रों, अभ्यर्थियों और युवाओं से 25 अगस्त को पटना पहुंचने की अपील की है।
कार्यक्रम के अनुसार 25 अगस्त को सुबह 10 बजे गांधी मैदान के गेट नंबर 10 के पास एकत्र होने के बाद मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च किया जाएगा। छात्र-युवा संघर्ष मोर्चा ने इसे अपने आंदोलन का अगला बड़ा चरण बताया है।
संघर्ष मोर्चा, अमन कुमार, जाह्नवी राय और कुमुद पटेल समेत आंदोलन से जुड़े लोग लगातार विभिन्न माध्यमों से छात्रों और अभ्यर्थियों से इस मार्च में शामिल होने की अपील कर रहे हैं।

सरकार से बातचीत और मांगों पर कार्रवाई की मांग
छात्र-युवा संघर्ष मोर्चा के नेताओं का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को छात्रों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी मांगों पर ठोस फैसला लेना चाहिए।
मोर्चा ने चेतावनी दी है कि अगर अनशन कर रहे छात्रों की सेहत को लेकर सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई और उनके साथियों को कुछ हुआ तो आंदोलन को पूरे बिहार में फैलाया जाएगा।
फिलहाल गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन धरना और आमरण अनशन जारी है। 24 अगस्त की भूख हड़ताल के बाद 25 अगस्त का मुख्यमंत्री आवास मार्च आंदोलन का अगला बड़ा कार्यक्रम होगा। अब नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रशासन इस आंदोलन और उनसे जुड़े सवालों को लेकर क्या रुख अपनाते हैं।




