Saturday, 31 October 2026
राष्ट्रीय

अगरतला में INDIA ब्लॉक की रैली में उमड़ा जनसैलाब, CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में शुक्रवार को INDIA ब्लॉक की ओर से आयोजित विरोध रैली में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया वापस लेने की मांग की। रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं।

हाथों में तिरंगा लेकर प्रदर्शनकारी शहर की सड़कों पर उतरे। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित धांधली और मतदाता सूची में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। रैली के बाद आयोजित जनसभा में विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन त्रिपुरा में INDIA ब्लॉक से जुड़े आठ राजनीतिक दलों ने संयुक्त रूप से किया। इनमें कांग्रेस, CPI(M), CPI, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP), ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, CPI(ML), गण मंच और त्रिपुरा पीपुल्स पार्टी शामिल हैं। गठबंधन ने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।

माणिक सरकार और जितेंद्र चौधरी ने किया नेतृत्व

रैली का नेतृत्व त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ CPI(M) नेता माणिक सरकार, विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं CPI(M) के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आशीष कुमार साहा और कांग्रेस नेता सुदीप रॉय बर्मन सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने किया।

जनसभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और SIR प्रक्रिया रोकने की मांग दोहराई। उन्होंने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को प्रभावित करने वाले कथित प्रावधानों की समीक्षा करने और मुख्य चुनाव आयुक्त को दिए गए कानूनी संरक्षण का विरोध भी किया।

SIR से मतदाताओं के नाम कटने की आशंका

जितेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो SIR प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम सूची से हट सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि देशभर में SIR के तहत अब तक करीब 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं। उन्होंने आशंका जताई कि त्रिपुरा में आगामी पुनरीक्षण के दौरान लगभग 2.5 लाख मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं।

हालांकि, ये आंकड़े विपक्षी नेता के दावे और आशंका हैं। इन्हें चुनाव आयोग की ओर से प्रमाणित आंकड़े के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

कांग्रेस ने भी उठाए मतदाता सूची पर सवाल

त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आशीष कुमार साहा ने भी मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर चिंता जताई। उन्होंने डुप्लीकेट नामों और कुछ पतों पर असामान्य रूप से बड़ी संख्या में मतदाताओं के पंजीकरण का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है और कथित अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर चुनाव प्रणाली में लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है।

कांग्रेस नेता सुदीप रॉय बर्मन ने INDIA ब्लॉक से बाहर के राजनीतिक दलों और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोगों से भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की।

चार सूत्री मांगों पर आंदोलन जारी रखने का ऐलान

विपक्षी दलों की चार सूत्री मांगों में CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना, SIR प्रक्रिया वापस लेना, चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को प्रभावित करने वाले प्रावधानों की समीक्षा और मुख्य चुनाव आयुक्त को मिले कानूनी संरक्षण का विरोध शामिल है।

INDIA ब्लॉक के नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन मतदाताओं के अधिकारों, चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता से जुड़ा है। उन्होंने अपनी मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रखने की बात कही।

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