बिहार में चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 31 अक्टूबर तक राज्य के कई हिस्सों में खराब मौसम का असर बना रह सकता है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सीतामढ़ी और मधुबनी के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में बहुत भारी बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है। वहीं, दरभंगा, शिवहर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी होने की जानकारी है। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी बारिश की संभावना है।
पटना समेत कई अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
बारिश से गिरेगा तापमान, बढ़ेगी ठंड
मौसम में बदलाव के कारण बिहार के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में गिरावट आने का अनुमान है। पटना समेत कई जिलों में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने से मौसम ठंडा हो सकता है। कुछ इलाकों में लोगों को समय से पहले सर्दी का एहसास होने लगा है।
जलजमाव और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी
मौसम विभाग ने भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलजमाव की आशंका जताई है। इससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। तेज हवाओं और वज्रपात को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षित और पक्की इमारतों के अंदर रहने, खुले मैदानों से दूर रहने और पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने की अपील की गई है। लोगों को मौसम संबंधी अपडेट के लिए आधिकारिक बुलेटिन और प्रशासन की सलाह पर भरोसा करने को कहा गया है।
कमजोर पड़ चुका है चक्रवात ‘अर्नब’
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, चक्रवात ‘अर्नब’ कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल चुका था। इसके प्रभाव से ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार के कुछ हिस्सों में बारिश की स्थिति बनी। हालांकि, बिहार का कोई तटीय इलाका नहीं है। इसलिए राज्य के तटीय इलाकों के प्रभावित होने का दावा सही नहीं है।




