बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार को सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) भर्ती के अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। जेपी गोलंबर के पास प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसके बाद सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों के मुख्य समूह को पीछे धकेलकर चौराहे को खाली कराया। हालांकि, आसपास के इलाकों में अभ्यर्थियों की मौजूदगी बनी रही और पुलिस सतर्क रही।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी 1,799 सब-इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती के लिए आयोजित मुख्य लिखित परीक्षा रद्द किए जाने का विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि परीक्षा रद्द करने का आदेश वापस लिया जाए, पहले घोषित परिणाम बहाल किए जाएं और भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाए।
अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार और भर्ती प्राधिकरण पर युवाओं को परेशान करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि महीनों की तैयारी और चयन प्रक्रिया के कई चरण पूरे करने के बाद परीक्षा रद्द होने से उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है।
इस महीने दारोगा अभ्यर्थियों का यह दूसरा बड़ा प्रदर्शन है। इससे पहले 5 अक्टूबर को अभ्यर्थियों ने गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) के कार्यालय की ओर मार्च निकाला था। उस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जेपी गोलंबर पहुंचने से पहले ही रोक दिया था।
क्यों रद्द हुई थी परीक्षा?
विवाद की शुरुआत बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की 23 सितंबर 2026 को जारी सूचना के बाद हुई। आयोग ने 27 मई 2026 को दो पालियों में आयोजित मुख्य लिखित परीक्षा को अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए रद्द कर दिया था।
आयोग ने कहा था कि नई परीक्षा तिथियों की घोषणा अलग से की जाएगी। हालांकि, परीक्षा रद्द होने से नाराज अभ्यर्थी अब चयन प्रक्रिया बहाल करने और इस फैसले के लिए जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।




