Tuesday, 1 September 2026
विशेष रिपोर्ट

बिहार में वोटर अधिकार यात्रा: जनता का जोश, विपक्ष के लिए सतर्कता की जरुरत

बिहार में चल रही बिहार में चल रही INDIA महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा (Voter Adhikar Yatra) ने राजनीतिक हलचल तेज़ कर दी है। स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक अनीश अंकुर का कहना है कि यह यात्रा सत्ता की वैधता पर जनता के भीतर गहरे सवाल खड़े कर रही है। दो दिनों की यात्रा से लौटे अनीश अंकुर से दी आज़ादी के लिए अभिषेक कुमार ने विशेष बातचीत किया जिसमें उन्होने यात्रा के राजनीतिक असर, चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों और जनता की भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की। नीचे आप बातचीत का वीडियो देख सकते हैं!

जनता का हुजूम और उत्सव-सा माहौल

अनीश अंकुर ने यात्रा का अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह केवल एक राजनीतिक शो नहीं बल्कि एक जनआंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। उनके अनुसार जहाँ से भी यात्रा गुजरती है, वहाँ लोगों का हुजूम खड़ा मिलता है। कारों और मोटरसाइकिलों का बड़ा काफ़िला है, दोनों ओर झंडे और नारे हैं और माहौल एक उत्सव जैसा लगता है।

वे बताते हैं कि ‘औरंगाबाद से गया तक जगह-जगह विभिन्न दलों के कार्यकर्ता और आम लोग सड़क किनारे खड़े होकर यात्रा का हिस्सा बनते दिखे।

नारों में ग़ुस्सा और संकल्प

यात्रा में उठ रहे नारे जनता की बेचैनी और संकल्प दोनों को दिखाते हैं। लोगों का कहना है कि उनका वोट सुरक्षित नहीं है और कई का आरोप है कि वोट चोरी हुआ है। अनीश के मुताबिक यह ग़ुस्सा नीचे तक महसूस किया जा सकता है और इससे मोदी सरकार की वैधता पर गहरा धब्बा लगा है।

मीडिया कवरेज पर सवाल

यात्रा की मीडिया कवरेज को लेकर भी सवाल उठे। अनीश अंकुर ने कहा कि जनता के उत्साह के बावजूद अख़बारों और टीवी में इसे उतनी जगह नहीं मिलती है,जितना मिलना चाहिए। वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष के छोटे नेताओं द्वारा राहुल गाँधी, तेजस्वी यादव व अन्य विपक्षी नेताओं पर की गई ओछी टिप्पणियों को भी अधिक महत्व दिया जाता है ।

विपक्ष के लिए सतर्कता ज़रूरी

उन्होंने इंडिया महागठबंधन को भी आगाह किया कि जनता का उत्साह बनाए रखने के लिए समन्वय और प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना होगा। उनके मुताबिक CPI और CPM जैसे सहयोगी दलों को कई मौकों पर उचित मंच नहीं मिला और कुछ नेताओं के नाम तक मंच से नहीं पुकारे गए। विशेष तौर पर उन्होने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव भालचंद्र कांगो एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) नेता अरुण मिश्रा का जिक्र किया। वे बताते है की कांग्रेस और राजद के कार्यकर्ताओं ने भी पास वितरण और प्रबंधन को लेकर नाराज़गी जताई। प्रवंधन को देख रहे लोगों को थोड़ा संवेदनशील होना चाहिए। अनीश का कहना है कि यह समय है कि सबको साथ लेकर चला जाए, वरना कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष गहराएगा।

पूरा बातचीत का Video देखे!

असर और नतीजा

अनीश के अनुसार इस यात्रा ने मताधिकार और वोटर लिस्ट की पारदर्शिता को जनता की बहस का केंद्र बना दिया है। उनका मानना है कि यात्रा का राजनीतिक असर आगे और गहरा होगा और जनता की भागीदारी जितनी घनी होगी, प्रक्रिया उतनी जवाबदेह बनेगी। बिहार में वोटर अधिकार यात्रा ने एक तरफ़ विपक्ष को ऊर्जा दी है, वहीं दूसरी ओर समन्वय और प्रबंधन की चुनौतियाँ भी सामने रख दी हैं। अब देखना होगा कि महागठबंधन इस जनसमर्थन को किस तरह संगठित कर राजनीतिक परिणाम में बदल पाता है।

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लेखक

Abhishek Kumar

अभिषेक कुमार पिछले 8 वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय स्वतंत्र पत्रकार और वीडियो जर्नलिस्ट हैं। वे The Azadi (दी आज़ादी) के संस्थापक हैं। वे बिहार सहित विभिन्न जनसरोकार से जुड़े मुद्दों, राजनीति, समाज, लोकतंत्र और स्थानीय घटनाओं पर समाचार रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्ट, वीडियो कवरेज, साक्षात्कार और विश्लेषण करते हैं

The Azadi के माध्यम से वे उन खबरों और जनसमस्याओं को प्रमुखता देने का प्रयास करते हैं, जिन्हें अक्सर मुख्यधारा के मीडिया में पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती।

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