Monday, 31 August 2026
ग्राउंड रिपोर्ट्स

एटक के 24वें बिहार राज्य सम्मेलन, हजारों श्रमिकों की रैली से गूंजा खगड़िया

खगड़िया: ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के 24वें बिहार राज्य सम्मेलन का रविवार को खगड़िया में भव्य आगाज हुआ। सम्मेलन की शुरुआत विशाल श्रमिक रैली और आमसभा के साथ हुई। रैली में राज्यभर से आए बड़ी संख्या में मजदूरों, स्कीम वर्कर्स और आम लोगों ने हिस्सा लिया।

शहर के बापू नगर स्थित योगीन्द्र भवन से निकली रैली एम.जी. मार्ग, थाना रोड, मेन रोड, एसडीओ रोड, स्टेशन रोड और राजेन्द्र चौक होते हुए के.एन. क्लब पहुंची। इस दौरान पूरे शहर में एटक के लाल झंडे और मजदूरों के नारों की गूंज सुनाई देती रही।

  रैली में शामिल एटक राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर : दी आज़ादी
रैली में शामिल एटक राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर : दी आज़ादी

विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे श्रमिक

रैली में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाएं, आशा कार्यकर्ता, मध्याह्न भोजन कर्मी, खेत मजदूर, निर्माण कामगार और विभिन्न स्कीम वर्कर्स बड़ी संख्या में शामिल हुए। इसके अलावा आम लोगों ने भी रैली में हिस्सा लिया। कार्यकर्ताओं के हाथों में मजदूरों और कर्मचारियों की मांगों से जुड़ी तख्तियां थीं।

इस दौरान “मजदूर एकता जिंदाबाद”, “श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधन वापस लो”, “स्कीम वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दो” और “समान काम का समान वेतन लागू करो” जैसे नारे लगाए गए। रैली के कारण शहर का माहौल पूरी तरह मजदूर आंदोलन के नारों से गूंज उठा।

एटक की राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड अमरजीत कौर खुली गाड़ी में रैली में शामिल हुईं। उन्होंने रास्ते में मौजूद लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। रैली के के.एन. क्लब पहुंचने के बाद वहां विशाल आमसभा का आयोजन किया गया।

खगड़िया शहर में एटक की रैली में बड़ी संख्या में स्कीम वर्कर्स और खेत मजदूर

अमरजीत कौर ने श्रम कानूनों में बदलाव पर केंद्र को घेरा

के.एन. क्लब परिसर में आयोजित आमसभा को संबोधित करते हुए एटक की राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर ने केंद्र सरकार की आर्थिक और श्रम नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों में बदलाव के जरिए दशकों के संघर्ष से हासिल मजदूरों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है।

सभा को संबोधित करते अमरजीत कौर

उन्होंने कहा कि पहले श्रमिकों के हितों की रक्षा करने वाले कई कानून मौजूद थे। अब उनमें बदलाव करके मजदूरों की नौकरी की सुरक्षा, ट्रेड यूनियनों के अधिकार और सामाजिक सुरक्षा पर संकट पैदा किया जा रहा है। अमरजीत कौर ने कहा कि एटक देशभर में इन नीतियों के खिलाफ अपना संघर्ष और तेज करेगी।

उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और निजीकरण का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र को लगातार कमजोर किया जा रहा है। वहीं, असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों श्रमिक सामाजिक सुरक्षा से अब भी वंचित हैं। उन्होंने इन नीतियों के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन की जरूरत बताई।

छात्रों और युवाओं पर कार्रवाई का भी उठाया मुद्दा

अमरजीत कौर ने 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने के लिए दमन का सहारा लिया जा रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। अमरजीत कौर ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग करने वाले छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याएं सुननी चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर का आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। उनके अनुसार, यह आंदोलन आने वाले समय में व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि मजदूरों, किसानों, छात्रों, नौजवानों और महिलाओं के सवाल एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

सभा को संबोधित करते एटक महासचिव अमरजीत कौर : The Azadi

मजदूर, किसान और युवाओं की एकजुटता पर जोर

अमरजीत कौर ने कहा कि मजदूरों, किसानों, छात्रों, युवाओं और महिलाओं के सवालों को अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता। उन्होंने सभी लोकतांत्रिक और जनसंगठनों से एकजुट होकर संघर्ष को आगे बढ़ाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई और निजीकरण जैसी समस्याओं का असर समाज के अलग-अलग वर्गों पर पड़ रहा है। ऐसे में संगठित आंदोलन के जरिए इन सवालों को मजबूती से उठाने की जरूरत है।

कई नेताओं ने आमसभा को किया संबोधित

आमसभा को एटक की राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधान पार्षद उषा सहनी, पूर्व विधायक सूर्यकांत पासवान, खेत मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामनरेश पांडेय और एटक के बिहार राज्य महासचिव अजय कुमार सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।

इस अवसर पर एआईफु महासचिव एआईफुक्टो अरुण कुमार, एटक राज्य अध्यक्ष गजनफ्फर नवाब, आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के महासचिव कुमार बिंदेश्वर, अध्यक्ष चंद्रावती देवी, इंसाफ के महासचिव इरफान अहमद फातमी और किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रमोद प्रभाकर सहित कई नेता मंच पर मौजूद रहे।

वक्ताओं ने केंद्र सरकार की श्रमिक, किसान और जनविरोधी नीतियों की आलोचना की। साथ ही, मजदूर वर्ग से संगठित होकर संघर्ष को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। नेताओं ने कहा कि एटक का 24वां बिहार राज्य सम्मेलन राज्य के श्रमिक आंदोलन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बच्चे के साथ रैली में शामिल महिलाएं
रैली में शामिल महिलाएं

राज्य सम्मेलन जिलों से आए प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

एटक का 24वां बिहार राज्य सम्मेलन में बिहार के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान श्रमिक अधिकार, सामाजिक सुरक्षा और संगठन के विस्तार सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

इसके अलावा आगामी आंदोलनों और संघर्षों की रणनीति पर भी प्रतिनिधियों के बीच विचार-विमर्श होगा। सम्मेलन के माध्यम से एटक ने बिहार में श्रमिक संगठन को और मजबूत करने तथा मजदूरों के सवालों को व्यापक स्तर पर उठाने का संकल्प दोहराया है।

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लेखक

Sabina

Sabina The Azadi की Contributor हैं। वह समाचार रिपोर्टिंग, समाचार लेखन और संपादन से जुड़ी हैं। बिहार और देश से जुड़े राजनीतिक, सामाजिक तथा जनसरोकार के मुद्दों पर उनकी विशेष रुचि है। महिला संबंधी सवालों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को अपनी लेखनी के माध्यम से सामने लाने पर उनका विशेष ध्यान रहता है। उनका प्रयास महत्वपूर्ण घटनाओं और जनसरोकार से जुड़े सवालों को सरल, स्पष्ट और तथ्यपरक तरीके से पाठकों तक पहुंचाना है।

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