लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर संसदीय क्षेत्र से सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी का इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही श्रीनगर-बडगाम लोकसभा सीट आधिकारिक तौर पर रिक्त हो गई है। लोकसभा सचिवालय ने गुरुवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की। अधिसूचना के अनुसार, अध्यक्ष ने 3 नवंबर से उनका इस्तीफा स्वीकार किया है।
आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने 3 नवंबर को नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और अपनी लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उनका यह फैसला जम्मू-कश्मीर की सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व के साथ लंबे समय से चल रहे मतभेदों के बाद सामने आया। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में श्रीनगर सीट से जीत हासिल करने के बाद से ही मेहदी पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करते रहे थे।
मेहदी का कहना है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणापत्र में जनता से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया गया। उन्होंने पार्टी के कामकाज और सरकार के फैसलों को लेकर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, चुनाव के दौरान लोगों से किए गए वादों और सत्ता में आने के बाद पार्टी के रुख के बीच अंतर दिखाई दे रहा है।
अनुच्छेद 370 पर भी पार्टी नेतृत्व से मतभेद
आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को लिखे एक पत्र में अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर पार्टी के रुख को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद से यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है।
मेहदी का पार्टी नेतृत्व से मतभेद केवल घोषणापत्र में किए गए वादों तक सीमित नहीं था। वह पहले भी कई मौकों पर पार्टी की नीतियों और सरकार के कामकाज पर अपनी असहमति जाहिर कर चुके थे। उनके इस्तीफे को नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर बढ़ते राजनीतिक मतभेद के रूप में भी देखा जा रहा है।
बडगाम उपचुनाव में भी पार्टी से बनाई थी दूरी
पिछले साल बडगाम विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के दौरान भी आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार आगा सैयद महमूद के चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं लिया था। उस समय भी उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेद की चर्चा सामने आई थी।
दरअसल, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में बडगाम और गांदरबल दोनों सीटों से जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने बडगाम विधानसभा सीट छोड़कर गांदरबल को अपने पास रखने का फैसला किया। इसके बाद बडगाम सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा, जिसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस ने आगा सैयद महमूद को उम्मीदवार बनाया था।
हालांकि, आगा रूहुल्लाह मेहदी ने इस चुनाव में पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार नहीं किया। इसे पार्टी के अंदर उनके असंतोष के संकेत के तौर पर देखा गया था।
बडगाम में समर्थकों के बीच उमर अब्दुल्ला पर साधा निशाना
3 नवंबर को इस्तीफे की घोषणा के बाद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने बडगाम में अपने समर्थकों की एक बड़ी भीड़ को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर खुलकर निशाना साधा।
अपने भाषण की शुरुआत में उन्होंने उमर अब्दुल्ला पर तंज कसते हुए कहा, “आज आप जिस कुर्सी पर बैठे हैं, उसमें सत्ता तो है, लेकिन सम्मान नहीं है। अगर आपको सम्मान देखना है, तो बडगाम आइए।”
उनके इस बयान को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व और पार्टी के कामकाज के प्रति उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा गया। समर्थकों के बीच दिए गए इस भाषण के दौरान उन्होंने पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी असहमति भी जाहिर की।
इस्तीफे के बाद श्रीनगर सीट पर आगे की नजर
लोकसभा अध्यक्ष की ओर से इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद अब श्रीनगर-बडगाम संसदीय सीट रिक्त हो गई है। लोकसभा सचिवालय की अधिसूचना के साथ ही आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी की सांसद के रूप में सदस्यता समाप्त हो गई है।
उनके इस्तीफे से जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए एक नया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। खासकर ऐसे समय में जब पार्टी प्रदेश में सत्ता में है और उसके एक प्रमुख सांसद ने पार्टी नेतृत्व से मतभेद के बाद अपनी संसदीय सदस्यता भी छोड़ दी है।
अब इस घटनाक्रम के बाद श्रीनगर लोकसभा सीट पर आगे होने वाली राजनीतिक गतिविधियों और संभावित उपचुनाव को लेकर नजर रहेगी।




