चीन के शांगहाई शहर में गुरुवार को ‘विश्व खुलापन रिपोर्ट-2026’ जारी की गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं कन्वेंशन केंद्र में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन भी हुआ, जिसमें अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों, शिक्षाविदों, कारोबारी नेताओं और मीडिया कर्मियों सहित 200 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में घटते विश्वास और विकास से जुड़ी चुनौतियों के बीच आयोजित इस संगोष्ठी में आपसी विश्वास बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुले सहयोग को आसान बनाने पर जोर दिया गया।
लगातार छठे वर्ष जारी की गई इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्ष 2025 में विश्व खुलापन सूचकांक में पिछले करीब एक दशक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के खुलापन सूचकांक में सालाना आधार पर बढ़ोतरी देखने को मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, विकासशील देशों में चीन का खुलापन स्तर सबसे आगे बना हुआ है।
चीन के बाजार में निर्यात के अवसरों पर भी रिपोर्ट जारी
इसी दिन शांगहाई में आयोजित 9वें होंगछ्याओ अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच में ‘चीन को निर्यात क्षमता विकास रिपोर्ट’ भी जारी की गई। पहली बार प्रकाशित इस रिपोर्ट में चीन के आयात ढांचे, व्यापारिक संस्थाओं, बाजार की मांग और नीतिगत व्यवस्था के आधार पर उसके विशाल बाजार में उपलब्ध व्यापारिक अवसरों का विश्लेषण किया गया है।
रिपोर्ट में विभिन्न देशों के व्यापारिक साझेदारों की निर्यात संरचना और उनके उत्पादों की चीनी बाजार के साथ अनुकूलता का अध्ययन किया गया है। इसके साथ ही चीन को निर्यात बढ़ाने के लिए सुझाव भी दिए गए हैं।
वैश्विक दक्षिण के देशों को बाजार से जोड़ने पर जोर
यह रिपोर्ट चीन के विशाल बाजार को दूसरे देशों के साथ साझा करने की सोच पर आधारित है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक वस्तुओं की उपलब्धता बढ़ाना और अधिक से अधिक देशों, विशेषकर वैश्विक दक्षिण के देशों को चीन के बाजार में निर्यात के अवसर उपलब्ध कराने में मदद करना है।
इस तरह 9वें होंगछ्याओ अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच ने लगातार छठे वर्ष ‘विश्व खुलापन रिपोर्ट’ और पहली बार ‘चीन को निर्यात क्षमता विकास रिपोर्ट’ जारी की। इसके साथ ही दोनों रिपोर्टों को एक साथ जारी करने की नई पहल भी शुरू हुई।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)




