अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि गाजा में हमास और अन्य हथियारबंद समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण को लेकर एक समझौता हुआ है। हालांकि, इस दावे की अभी तक हमास की ओर से पुष्टि नहीं की गई है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कहा कि यह समझौता गाजा में नई फिलिस्तीनी सरकार के गठन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
ट्रंप ने क्या कहा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित नई फिलिस्तीनी सरकार ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के साथ मिलकर फिलिस्तीनी लोगों के हित में काम करेगी। उन्होंने दावा किया कि इससे इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और गाजा का इस्तेमाल भविष्य में आतंकी हमलों के ठिकाने के रूप में नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि समझौते को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
चरणबद्ध तरीके से लागू होगा समझौता
ट्रंप के अनुसार, जैसे-जैसे हथियारों का पूर्ण निरस्त्रीकरण होगा, इजरायली सेना गाजा से वापस लौटेगी। इसके बाद एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (International Stabilization Force) नई फिलिस्तीनी पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था संभालेगा।
उन्होंने कहा कि इस समझौते में मिस्र, कतर और तुर्किए ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।
हालांकि, हमास ने अभी तक इस समझौते की पुष्टि नहीं की है।
नेतन्याहू और ट्रंप की मुलाकात
इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात की तस्वीरें जारी कीं। एक इजरायली अधिकारी ने इस बैठक को सकारात्मक बताया।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच ईरान, लेबनान और अब्राहम समझौते के विस्तार सहित क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद थी।
ईरान को लेकर भी हुई चर्चा
रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू ने कथित तौर पर पिकैक्स माउंटेन से जुड़ी ईरानी गतिविधियों पर खुफिया जानकारी साझा करने की तैयारी की थी। यह स्थान तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा माना जाता है।
इस दौरान ट्रंप ने संकेत दिया कि वह ईरान के साथ नई कूटनीतिक पहल के पक्ष में हैं, जबकि इजरायल लगातार तेहरान पर दबाव बनाए रखने की रणनीति पर जोर देता रहा है।
नेतन्याहू के बयान पर ट्रंप की प्रतिक्रिया
फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उन्हें यह पसंद नहीं आया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपनी योजना का सार्वजनिक रूप से पहले ही संकेत दे दिया।
ट्रंप ने कहा, “मैंने बीबी नेतन्याहू को यह ऐलान करते सुना। मैंने कहा, ‘आप मुझे सीधे क्यों नहीं बताते? आपको दुनिया को यह ऐलान करने की क्या जरूरत है?'”




