नई दिल्ली: बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच कई वर्षों तक सीमित रहे संपर्क के बाद अब रिश्तों में फिर से नजदीकी बढ़ रही है। दोनों देशों के बीच व्यापार, परिवहन, शिक्षा और आधिकारिक प्रतिनिधिमंडलों के स्तर पर गतिविधियां तेज हुई हैं। हालांकि, इस नए सहयोग के बीच व्यापार में भारी असंतुलन और पुराने ऐतिहासिक विवाद बांग्लादेश के सामने चुनौती बने हुए हैं।
डेली वादा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ा है। पाकिस्तान की राष्ट्रीय विमानन कंपनी से जुड़ी हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है। कराची से जहाज नियमित रूप से बांग्लादेश के चटगांव पहुंच रहे हैं। इसके अलावा छात्रवृत्ति कार्यक्रमों की घोषणा की गई है और दोनों देशों के सरकारी तथा निजी क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडलों ने एक-दूसरे के यहां दौरे किए हैं।
पाकिस्तान के पक्ष में बड़ा व्यापार असंतुलन
रिपोर्ट में व्यापार के आंकड़ों को दोनों देशों के बीच असमान आर्थिक संबंधों का संकेत बताया गया है। पाकिस्तान के स्टेट बैंक के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में पाकिस्तान का बांग्लादेश को निर्यात 6.72 करोड़ डॉलर रहा। पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 7.16 करोड़ डॉलर था।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच व्यापार अनुपात पाकिस्तान के पक्ष में लगभग 11:1 है। पाकिस्तान से बांग्लादेश भेजे जाने वाले सामान में कपास और कपड़ा उद्योग के कच्चे माल की बड़ी हिस्सेदारी है। पाकिस्तानी रुपये के मूल्य में गिरावट के कारण ये उत्पाद बांग्लादेश के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी हो गए हैं।
दूसरी ओर, बांग्लादेश लंबे समय से पाकिस्तान से जूट और जूट उत्पादों पर शुल्क में रियायत देने की मांग करता रहा है। जूट के उत्पादन और आपूर्ति में बांग्लादेश की मजबूत स्थिति है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान अपनी लगभग पूरी कच्चे जूट और जूट यार्न की जरूरत बांग्लादेश से आयात करता है, लेकिन मूल्यवर्धित जूट उत्पादों पर अपेक्षाकृत अधिक शुल्क लगाया जाता है। इससे पाकिस्तानी बाजार में बांग्लादेशी उत्पादों की पहुंच सीमित होती है।
उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि शुल्क की इस व्यवस्था के कारण हाल के वर्षों में पाकिस्तान से बांग्लादेश की जूट से होने वाली कमाई में तेज गिरावट आई है।
निर्यात बढ़ाने की पाकिस्तान की योजना
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने सार्वजनिक रूप से बांग्लादेश को अपने निर्यात में बड़ी वृद्धि का लक्ष्य रखने की बात कही है, लेकिन बांग्लादेश के पाकिस्तान को निर्यात बढ़ाने के लिए इसी तरह का कोई तुलनीय लक्ष्य सामने नहीं आया है।
डिजिटल क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय डिजिटल संकेतकों पर बांग्लादेश का प्रदर्शन मजबूत है, जबकि पाकिस्तान ने वित्तीय संस्थानों, डिजिटल वॉलेट और सरकारी सेवाओं को साझा प्लेटफॉर्म के जरिए जोड़ने में उल्लेखनीय प्रगति की है।
रिपोर्ट का मानना है कि संस्थागत और तकनीकी सहयोग भविष्य में केवल व्यापार के मुकाबले अधिक व्यापक लाभ दे सकता है। हालांकि, इसके लिए बांग्लादेश को पुराने ऐतिहासिक विवादों, बाजार तक पहुंच की समस्याओं और घरेलू राजनीतिक संवेदनशीलताओं के बीच संतुलन बनाना होगा।
कुल मिलाकर, बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच बढ़ता संपर्क आर्थिक सहयोग के नए अवसर खोल सकता है, लेकिन व्यापार में असमानता और बाजार तक पहुंच से जुड़े सवाल इस रिश्ते के वास्तविक लाभ तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।



