सकारात्मक वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत में ही सेंसेक्स और निफ्टी करीब 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ खुले। इस दौरान बाजार के लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली।
शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,609.54 अंक यानी 2.08 प्रतिशत की तेजी के साथ 78,910.94 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 417.45 अंक यानी 1.74 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 24,378.05 के स्तर पर खुला।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 2.09 प्रतिशत की तेजी के साथ 78,922.44 का इंट्रा-डे हाई छुआ। वहीं, निफ्टी भी 1.80 प्रतिशत उछलकर 24,391.95 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी
सेक्टोरल आधार पर वित्तीय शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 2 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गया। रियल्टी सेक्टर में भी मजबूती रही और निफ्टी रियल्टी में 1.86 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
इसके अलावा सीमेंट, ऑटो, आईटी, ऑयल एंड गैस और पीएसयू बैंक के शेयरों में भी 1.8 प्रतिशत तक की तेजी रही। एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल, मीडिया और केमिकल सेक्टर के शेयर भी हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। इन सेक्टरों में 1 से 1.5 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई।
तकनीकी संकेत भी बाजार के पक्ष में
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी अभी भी अपने 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 23,904 के ऊपर बना हुआ है, जो तकनीकी रूप से मजबूती का संकेत है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) बढ़कर 68.55 पर पहुंच गया है, जो बाजार में मजबूत तेजी को दर्शाता है। हालांकि, निकट भविष्य में मुनाफावसूली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,000 से 24,200 का स्तर निकटतम सपोर्ट जोन है, जबकि 24,500 से 24,700 के बीच का स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन माना जा रहा है।
एफआईआई की लगातार खरीदारी से बाजार को समर्थन
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार खरीदारी भी बाजार को मजबूती दे रही है। बुधवार को एफआईआई ने लगातार चौथे कारोबारी सत्र में खरीदारी करते हुए 7,284 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने लगातार चौथे दिन शुद्ध बिकवाली की। उन्होंने बुधवार को 3,712 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
अमेरिकी बाजारों में भी जोरदार तेजी
वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। अमेरिकी शेयर बाजार में डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 3 प्रतिशत से अधिक उछल गया। यह चार दशकों में अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद का सबसे मजबूत प्रदर्शन बताया जा रहा है।
वहीं, एसएंडपी 500 और नैस्डैक कंपोजिट में भी 1.4 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी की स्पष्ट जीत के बाद राजनीतिक अनिश्चितता कम होने की उम्मीद में निवेशकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट
ऊर्जा बाजार में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 10 प्रतिशत गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बंद हुई। वहीं, अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड घटकर करीब 4.89 प्रतिशत पर आ गई। इससे दुनियाभर के जोखिमपूर्ण परिसंपत्ति वर्गों को समर्थन मिला।
विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, कमजोर अमेरिकी डॉलर, विदेशी निवेशकों की वापसी और भू-राजनीतिक तनाव में कमी भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं। यदि ये परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में बाजार की तेजी और मजबूत हो सकती है।




