अग्निवीर योजना के तहत युवाओं की सेवा अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल करने के केंद्र सरकार के फैसले पर पूर्व सैन्य अधिकारियों और पूर्व सैनिकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी (सेवानिवृत्त) ने इस फैसले को सही कदम बताते हुए कहा कि इससे अग्निवीरों की चिंताओं और अनिश्चितताओं को कम करने में मदद मिलेगी। उनके मुताबिक, यह फैसला देश और सशस्त्र बलों दोनों के लिए अच्छा साबित हो सकता है।
अग्निवीरों की सेवा अवधि में दो साल की बढ़ोतरी को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि सेना में ऐसे युवाओं की जरूरत है, जिनके भीतर देश सेवा का जुनून हो और जो पूरी तरह से इस पेशे को लेकर आश्वस्त हों। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों में अनिच्छुक लोगों को शामिल नहीं किया जा सकता, क्योंकि सैन्य सेवा के लिए प्रतिबद्धता और आत्मविश्वास बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि युवाओं के सेना छोड़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। किसी की पारिवारिक परिस्थितियां हो सकती हैं, किसी के आर्थिक कारण हो सकते हैं तो कोई भविष्य में अपना कारोबार या उद्यम शुरू करना चाहता हो सकता है। ऐसे में छह साल की सेवा पूरी करने के बाद भी युवा अपने करियर को लेकर आगे का फैसला कर सकते हैं।
75 प्रतिशत अग्निवीरों की चिंता होगी कम
पूर्व नौसेना प्रमुख ने कहा कि सेवा अवधि में दो साल की बढ़ोतरी से उन अग्निवीरों को राहत मिलेगी, जो चार साल की सेवा के बाद नियमित सेवा में शामिल नहीं हो पाते। उन्होंने कहा कि 75 प्रतिशत श्रेणी में आने वाले अग्निवीरों के मन में सेवा समाप्त होने के बाद भविष्य को लेकर चिंता और अनिश्चितता रही होगी।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने अग्निवीरों की सेवा पूरी होने के बाद उनके पुनर्वास और रोजगार के अवसरों को लेकर पहले से ही व्यवस्था तैयार की थी। गृह मंत्रालय के तहत भी उनके लिए व्यापक प्रावधान किए गए थे, ताकि सेना से बाहर आने के बाद उन्हें समाज में रोजगार और अन्य अवसर मिल सकें।
हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर व्यवस्था होने के बावजूद भविष्य को लेकर अनिश्चितता स्वाभाविक है। जब तक कोई अवसर वास्तव में सामने नहीं आता, तब तक युवाओं के मन में सवाल बने रहते हैं। ऐसे में दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार अग्निवीरों के साथ-साथ उनके परिवारों और दोस्तों के लिए भी राहत लेकर आएगा।
पूर्व कर्नल सागर सिंह सलारिया ने भी फैसले का किया स्वागत
सेवानिवृत्त कर्नल सागर सिंह सलारिया ने भी केंद्र सरकार के फैसले पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने टेलीविजन पर अग्निवीरों के पक्ष में लिए गए फैसले के बारे में जानकारी प्राप्त की है। फिलहाल यह फैसला अच्छा लग रहा है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत युवाओं को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जा रहा है।
पूर्व सैनिक अंचला शर्मा बोलीं- युवाओं की उम्मीदें बढ़ेंगी
पूर्व सैनिक अंचला शर्मा ने भी अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना की शुरुआत वर्ष 2022 में सशस्त्र बलों में की गई थी। यह प्रधानमंत्री की ओर से उठाया गया महत्वपूर्ण कदम था।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर के नौशेरा-सुंदरबनी क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह सीमावर्ती इलाका है और यहां लगभग हर घर से कोई न कोई सेना में सेवा दे रहा है। ऐसे क्षेत्रों में युवाओं के बीच सेना में भर्ती होने और देश की सेवा करने की उम्मीद हमेशा से रही है। इसलिए योजना में सेवा अवधि बढ़ाने की मांग भी युवाओं की अपेक्षाओं से जुड़ी रही है।
अंचला शर्मा ने कहा कि योजना लागू होने के समय इसके सफल होने को लेकर कई तरह की अफवाहें भी फैलाई गई थीं। लेकिन अब सेवा अवधि में दो साल की बढ़ोतरी के फैसले से युवाओं की उम्मीदें बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि इस फैसले का स्वागत किया जाना चाहिए।
अग्निवीर योजना को लेकर फिर बढ़ी चर्चा
केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद अग्निवीर योजना और युवाओं के सैन्य करियर को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पूर्व सैन्य अधिकारियों का मानना है कि अतिरिक्त सेवा अवधि से युवाओं को सेना में अधिक समय तक काम करने और अपने भविष्य को लेकर फैसले लेने का अवसर मिलेगा।
हालांकि, नियमित सेवा में शामिल होने और सेवा अवधि पूरी होने के बाद आगे के अवसरों से जुड़े प्रावधान भी इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बने रहेंगे।




