Saturday, 31 October 2026
राजनीति

किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को दी 5 सवालों की चुनौती, पूछा- ज्ञानेश कुमार के बिना भी तीन चुनाव कैसे हारी पार्टी?

नई दिल्ली: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने चुनाव आयोग और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस को पांच सवालों के जवाब देने की चुनौती दी। इन सवालों के जरिए उन्होंने कांग्रेस की चुनावी हार, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर विपक्ष के रुख को घेरा।

रिजिजू ने अपने पोस्ट में पूछा कि जब चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कांग्रेस की सरकार के दौरान हुई थी, तब 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को केवल 44 सीटें कैसे मिलीं?

उनका दूसरा सवाल था कि 2024 में जब ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे, तब कांग्रेस लगातार तीसरी बार चुनाव में कैसे हार गई?

तीसरे सवाल में रिजिजू ने पूछा कि क्या कांग्रेस के मौजूदा मुख्यमंत्री इस्तीफा देंगे और 2014 से 2026 के बीच सरकारें बनाने के लिए माफी मांगेंगे?

चौथे सवाल में उन्होंने पूछा कि क्या मतदाता सूची से अवैध अप्रवासियों, मृत व्यक्तियों, स्थान बदल चुके मतदाताओं और दोहराए गए नामों को हटाया जाना चाहिए या नहीं?

पांचवें सवाल में रिजिजू ने पूछा कि क्या 1952-56, 1958-61, 1965-66, 1983-84, 1987-88, 1993, 1995 और 2002-2004 के दौरान हुए एसआईआर अवैध थे?

रिजिजू ने अपने पोस्ट में कांग्रेस पर एक परिवार के इर्द-गिर्द चलने वाली पार्टी होने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस बाहरी ताकतों के साथ मिलकर संविधान और भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध

दरअसल, कांग्रेस और विपक्षी दलों का गठबंधन INDIA मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग ने अपनी संवैधानिक स्वायत्तता से समझौता किया है और चुनावी प्रक्रिया में ‘वोट चोरी’ हुई है।

विपक्षी दलों ने एसआईआर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची से मनमाने ढंग से नाम हटाए जा रहे हैं और मतदाताओं को एक बूथ से दूसरे बूथ पर स्थानांतरित किया जा रहा है, जिससे सत्ताधारी दल को फायदा पहुंच सकता है।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय गृह मंत्री के प्रभाव में काम कर रहे हैं। विपक्ष का यह भी दावा है कि आयोग के भीतर महत्वपूर्ण फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए और सुप्रीम कोर्ट में गलत बयान दिए गए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्ष की ओर से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, एसआईआर प्रक्रिया रद्द करना और ईवीएम के स्थान पर पूरी तरह पेपर बैलेट से मतदान कराना शामिल है।

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