लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर जारी मतगणना के बीच कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान से अधिक मतपत्र निकलने का आरोप लगा है, जबकि लखनऊ में बिना मुड़े मतपत्र मिलने और आगरा में मतगणना रोके जाने को लेकर समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाए हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रदेश के पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना जारी है। अलग-अलग केंद्रों से मतपत्रों की वैधता, मतगणना में देरी और प्रक्रिया को लेकर शिकायतें सामने आने के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप बढ़ गए हैं।
मऊ में मतदान से 50 अधिक मतपत्र मिलने का आरोप
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मऊ स्थित एक मतदान केंद्र पर मतपत्रों की संख्या में अंतर का मामला सामने आया है। निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह एडवोकेट के मुताबिक, नगर पालिका मऊ के संबंधित बूथ पर 623 मतदाताओं ने मतदान किया था, जबकि मतगणना के दौरान मतपेटी से 673 मतपत्र निकले।
अजय सिंह ने इस अंतर को लेकर लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने अयोध्या मंडल के अपर आयुक्त अजय सैनी को मतगणना ड्यूटी से हटाने की मांग भी की है। निर्वाचन आयोग को भेजी गई शिकायत में उन्होंने अधिकारी की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारी पिछले चुनाव में भी इसी निर्वाचन क्षेत्र में तैनात थे और भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी की पैरवी करते हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
लखनऊ में बिना मुड़े मतपत्र मिलने पर अखिलेश ने उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना के दौरान कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि बूथ संख्या 97 पर बिना मुड़े हुए मतपत्र मिले हैं। यह बूथ सपा प्रत्याशी कांति सिंह से संबंधित बताया गया है।
अखिलेश यादव ने इस मामले पर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “मतलब चोरी भी करो, तो चोरी भी ये भाजपा वाले ईमानदारी से नहीं कर पा रहे हैं।”
उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी चुनावी प्रक्रिया को लेकर टिप्पणी की और भाजपा, चुनाव आयोग तथा प्रशासन के बीच कथित गठजोड़ का आरोप लगाया। हालांकि, मतपत्रों से संबंधित शिकायतों और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
आगरा में मतगणना रुकने पर सपा की आपत्ति
आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना रोके जाने को लेकर भी विवाद हुआ। सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने दावा किया कि वह मतगणना में बढ़त बनाए हुए थे, लेकिन पहले दौर का परिणाम घोषित नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि करीब आधे घंटे तक मतगणना रुकी रही। डॉ. अग्रवाल ने रिटर्निंग ऑफिसर और चुनाव पर्यवेक्षक से निष्पक्ष तरीके से मतगणना कराने की मांग की।
अखिलेश यादव ने भी एक्स पर पोस्ट कर आगरा में मतगणना रोके जाने की सूचना पर चिंता जताई और चुनाव आयोग से मामले का संज्ञान लेने की अपील की। इस घटनाक्रम को लेकर सपा ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
वाराणसी में संदिग्ध मतपत्रों की दोबारा जांच
वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पहले दौर की मतगणना के दौरान सपा प्रत्याशी और निवर्तमान एमएलसी लाल बिहारी यादव ने बढ़त बनाई। इसी दौरान करीब 14 हजार मतपत्रों में लगभग 200 संदिग्ध मतपत्र सामने आने की जानकारी दी गई।
इन मतपत्रों पर सही का निशान, बिंदी या अन्य चिह्न होने के कारण उन्हें अलग रखा गया था। बाद में रिटर्निंग ऑफिसर की मेज पर प्रत्याशियों की मौजूदगी में इनकी दोबारा जांच की गई। मतपत्रों की वैधता निर्धारित नियमों के अनुसार तय करने की प्रक्रिया अपनाई गई।
गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर शुरुआती रुझानों में मुकाबला
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शुरुआती रुझानों के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव के आगे होने की खबर सामने आई। भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी और सपा के डॉ. संजयन त्रिपाठी पीछे बताए गए, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह भी मुकाबले में हैं।
हालांकि, शुरुआती रुझानों के आधार पर किसी प्रत्याशी की जीत तय नहीं मानी जा सकती। अंतिम स्थिति मतगणना पूरी होने और आधिकारिक परिणाम घोषित होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
मेरठ में भाजपा समर्थकों में उत्साह
मेरठ में सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा के समर्थकों में उत्साह दिखाई दिया। शुरुआती रुझानों में बढ़त की खबर के बाद कुछ समर्थक फूल-मालाएं लेकर मतगणना केंद्र के बाहर पहुंचे और उनके समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज भी मौजूद रहे।
हालांकि, समर्थकों के उत्साह और शुरुआती रुझानों के बावजूद अंतिम परिणाम की आधिकारिक घोषणा मतगणना पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
सात शहरों में जारी है मतगणना
बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना दोपहर दो बजे शुरू हुई। इससे पहले मतपत्रों के बंडल तैयार करने की प्रक्रिया पूरी की गई। यहां आठ मतगणना टेबल और एक रिटर्निंग ऑफिसर की टेबल पर मतों की गिनती की जा रही है।
उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों के लिए पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ था। मतपत्रों के जरिए मतदान होने के कारण मतगणना में समय लग रहा है। लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में मतगणना की प्रक्रिया जारी है।
कई स्थानों पर प्रत्याशियों की बढ़त की खबरों के बीच मतपत्रों की वैधता, मतगणना में देरी और कथित अनियमितताओं को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। चुनाव के अंतिम नतीजे मतगणना पूरी होने और निर्धारित निर्वाचन प्रक्रियाओं के बाद घोषित किए जाएंगे।




