दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA ब्लॉक की ‘देश बचाओ महारैली’ में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विपक्षी एकता पर जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ लड़ना होगा। अपने संबोधन के दौरान ममता बनर्जी ने कहा, “जो लड़ते हैं, वो जिंदगी कमाते हैं। जो डरते हैं, वो मरते हैं। जो काफिर हैं, वे हर रोज डरते हैं।”
राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित इस रैली में देशभर के प्रमुख विपक्षी दलों के नेता एक मंच पर जुटे। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को घरों से बाहर निकलने से रोका जाता है और उन्हें हाउस अरेस्ट तक किया गया। इसके बावजूद विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगा।
‘सेव इंडिया, सेव डेमोक्रेसी’ का दिया नारा
ममता बनर्जी ने अपने भाषण में कहा कि आने वाले समय का नारा ‘सेव इंडिया, सेव डेमोक्रेसी’ होना चाहिए। उन्होंने देश के सभी विपक्षी दलों से भाजपा के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।
उन्होंने कहा, “वे हमें कहते हैं कि घर से मत निकलो, उन्होंने हमें हाउस अरेस्ट किया। मैं कहती हूं कि जो लड़ते हैं, वह जिंदगी कमाते हैं। जो डरते हैं, वो मरते हैं। जो काफिर हैं, वे हर रोज डरते हैं। आने वाले समय का स्लोगन है, सेव इंडिया, सेव डेमोक्रेसी। सभी को मिलकर भाजपा के खिलाफ लड़ना चाहिए।”
SIR को लेकर बंगाल में लूट का लगाया आरोप
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल इस प्रक्रिया से प्रभावित हुआ है और राज्य में लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया गया है।
ममता बनर्जी ने कहा, “हम छोड़ेंगे नहीं। हम जान दे देंगे, हम लड़ेंगे। हमारे बंगाल में लूट हुई, लेकिन अब दिल्ली में लूट नहीं होने देंगे। हम लोकतंत्र को बचाएंगे। भाजपा के लिए SIR का मतलब स्पेशल इंटेंसिव रिलीफ है।”
उन्होंने SIR की प्रक्रिया को लेकर भाजपा पर राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर साधा निशाना
ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में एक प्रतिशत वोट हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में चुनावी नतीजों को लेकर विपक्ष की आपत्तियां हैं।
उन्होंने कहा, “सरकार ने EVM, लोकतंत्र, संविधान और लोगों के अधिकारों की लूट की है। ज्ञानेश कुमार ने बंगाल में एक प्रतिशत वोट को निकाल दिया। हम हारे नहीं, बल्कि हराया गया है। इसका बदला हम राजनीति से लेंगे। हम लोकतंत्र से लड़ेंगे। सरकार ने नौकरी, जिंदगी और मां-बहनों के सम्मान की लूट की है। चुनाव को हाईजैक किया गया है।”
‘सबका साथ, सबका विकास’ नारे पर कसा तंज
ममता बनर्जी ने भाजपा के चर्चित नारे ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर भी तंज कसा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति में अब सभी वर्गों के विकास की बात नहीं रह गई है।
उन्होंने कहा, “वे कहते थे, सबका साथ सबका विकास, लेकिन अब उनका स्लोगन हो गया है कि भाजपा का साथ और सबका विनाश।”
इसके साथ ही उन्होंने मंदिरों, राम जन्मभूमि के चढ़ावे, बंगाल के मंदिरों और वक्फ संपत्तियों में कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा पुलिस का इस्तेमाल अपनी पार्टी के काम के लिए करती है। ममता बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा के पास कोई संगठनात्मक ताकत नहीं है और उसका सत्ता से जाना तय है।
युवाओं और Gen-Z से लोकतंत्र बचाने की अपील
रैली के अंत में ममता बनर्जी ने देश के युवाओं और Gen-Z से लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश के भविष्य और लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने के लिए युवाओं की भागीदारी जरूरी है।
अपने भाषण के दौरान ममता बनर्जी ने भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए ‘ज्ञानेश-ज्ञानेश यस पापा…’ कविता भी सुनाई।
रामलीला मैदान में ममता बनर्जी का पूरा संबोधन भाजपा, चुनाव आयोग और SIR की प्रक्रिया पर केंद्रित रहा। उन्होंने विपक्षी दलों से एकजुट होकर लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने और केंद्र सरकार के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष जारी रखने की अपील की।




