पटना: बिहार में छात्राओं और महिलाओं के खिलाफ लगातार सामने आ रही यौन हिंसा की घटनाओं के विरोध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने पटना में जोरदार प्रदर्शन किया। जहानाबाद जिले की एक छात्रा के साथ राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में हुई घटना और उसके बाद प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर उठे सवालों के बीच भाकपा कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकालते हुए चित्रगुप्त नगर थाना का घेराव किया।
भाकपा पटना जिला के कुम्हरार अंचल परिषद के आह्वान पर यह विरोध मार्च मंगलवार 20 जनवरी 2026 को दिन के करीब 2 बजे राजेंद्र नगर पुल के नीचे से शुरू हुआ। मार्च सब्जी मंडी, डॉक्टर कॉलोनी, केंद्रीय विद्यालय, मुन्ना चक होते हुए कॉमर्स कॉलेज परिसर स्थित चित्रगुप्त नगर थाना तक पहुंचा, जहां यह एक सभा में तब्दील हो गया। जुलूस में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए।
छात्रा की मौत के बाद गहराया आक्रोश
प्रदर्शन का केंद्र जहानाबाद जिले की उस छात्रा का मामला रहा, जो पटना में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी कर रही थी। आरोप है कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल में उसके साथ गंभीर अत्याचार हुआ, जिसके बाद हालत बिगड़ने पर उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में छात्रा की मौत हो गई।
परिजनों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि इस पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया और प्रारंभिक स्तर पर सच्चाई सामने नहीं आने दी गई। परिजनों का कहना है कि पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से कम थी, लेकिन प्राथमिकी में उम्र अधिक दिखाकर कानूनी प्रावधानों से बचने की कोशिश की गई।

प्रशासन और निजी संस्थानों पर सवाल
भाकपा नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस मामले में केवल अपराध ही नहीं हुआ, बल्कि उसके बाद प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीर लापरवाही बरती गई। निजी हॉस्टल और निजी अस्पतालों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन, निजी हॉस्टलों और निजी अस्पतालों के कथित गठजोड़ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
लाल झंडों के साथ निकले इस जुलूस को पूरे रास्ते आम लोगों का समर्थन मिला। लोगों का कहना था कि राजधानी पटना में पढ़ने आने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भय का माहौल बन गया है।
नेताओं के बयान
चित्रगुप्त नगर थाना के मुख्य द्वार पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए भाकपा जिला सचिव कॉमरेड विश्वजीत कुमार ने कहा कि बिहार में छात्राओं की सुरक्षा पूरी तरह से खतरे में है। उन्होंने कहा कि यदि सामाजिक दबाव और आंदोलन नहीं होता, तो यह मामला दबा दिया जाता।
सभा को संबोधित करते हुए बांकीपुर अंचल के पूर्व सचिव कॉमरेड जितेंद्र कुमार ने कहा कि छात्राओं पर बढ़ते हमले पूरे समाज के लिए चेतावनी हैं और इसके खिलाफ व्यापक जन आंदोलन की आवश्यकता है। उन्होंने निजी हॉस्टलों और अस्पतालों पर सख्त निगरानी की मांग की।
सभा की अध्यक्षता करते हुए कॉमरेड अधिवक्ता संजय यादव ने कहा कि भाकपा और समाज ऐसे अत्याचारों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
सीबीआई जांच और मुआवजे की मांग
भाकपा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को सौंपने की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच संभव नहीं दिख रही है और कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच आवश्यक है। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा और उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई।
प्रतिनिधिमंडल ने परिजनों से की मुलाकात
इससे पहले भाकपा का राज्य स्तरीय प्रतिनिधिमंडल जहानाबाद जिले के पीड़ित परिवार से मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने परिजनों से बातचीत कर घटना की पूरी जानकारी ली। पार्टी नेताओं ने कहा कि परिजनों की पीड़ा और उनके आरोप बेहद गंभीर हैं और उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
छात्राओं की सुरक्षा पर व्यापक चिंता
इस घटना के बाद पटना सहित पूरे बिहार में पढ़ाई के लिए बाहर रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सभी सरकारी और निजी छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता शामिल
प्रदर्शन में भाकपा के कई वरिष्ठ और स्थानीय नेता शामिल रहे। इनमें पटना शहर के पूर्व सचिव मनोज कुमार, अरविंद कुमार, गप्पु कुमार, राजेश कुमार, लालती देवी, सोनी देवी, निर्मला देवी, धनश्याम कुमार, संजय कुमार, उमाशंकर सहित दर्जनों कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे।
भाकपा ने स्पष्ट किया है कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता और दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा। यह मामला अब केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि राज्य में कानून-व्यवस्था और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर सवाल बन चुका है।