दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित INDIA गठबंधन की ‘देश बचाओ महारैली’ में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं, महिलाओं और दलितों के वोट छीनने की कोशिश कर रही है। खड़गे ने कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए मोदी सरकार को सत्ता से हटाना जरूरी है। उन्होंने बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की सरकारों पर भी ‘वोट चोरी’ के जरिए सत्ता में आने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित इस रैली में विपक्षी गठबंधन के कई प्रमुख नेता एक मंच पर जुटे। अपने संबोधन में खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक उन्हें पद से नहीं हटाया जाएगा, तब तक विपक्ष की लड़ाई जारी रहेगी।
‘ज्ञानेश कुमार नहीं जाएंगे, तब तक हम भी नहीं जाएंगे’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रामलीला मैदान में जुटे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक बैठक है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के युवाओं, महिलाओं और दलितों के वोट छीनने की कोशिश की जा रही है। इसी के विरोध में INDIA गठबंधन के नेता और समर्थक एकजुट हुए हैं।
खड़गे ने कहा, “चलो दिल्ली रामलीला मार्च, एक ऐतिहासिक मीटिंग यहां हो रही है। इन्होंने युवाओं, महिलाओं और दलितों का वोट छीनने की कोशिश की है। हम इसके खिलाफ यहां इकट्ठे हुए हैं। जब तक ज्ञानेश कुमार नहीं जाएंगे, तब तक हम नहीं जाएंगे और लड़ते रहेंगे। ज्ञानेश कुमार को छिपाने की कोशिश की जा रही है, मगर वह नहीं छिपेंगे। हम कभी नहीं डरेंगे।”
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें हटाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
बिहार, यूपी और महाराष्ट्र की सरकारों पर ‘वोट चोरी’ का आरोप
खड़गे ने अपने संबोधन में केवल केंद्र सरकार ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन राज्यों में जनता के वास्तविक जनादेश के बजाय कथित वोट चोरी के जरिए सरकारें बनाई गई हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “वे खुद तय करते हैं कि उन्हें कौन वोट देगा। जनता उन्हें नहीं चुनती। मौजूदा केंद्र सरकार के साथ-साथ महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारें भी वोट चोरी की सरकारें हैं। हमें इन चोरों को हटाना होगा।”
खड़गे के इस बयान से रैली में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर विपक्ष के आरोप एक बार फिर सामने आए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव में मतदाताओं की स्वतंत्र भागीदारी प्रभावित की जा रही है।
मोदी सरकार को हटाने की अपील, विपक्षी एकता पर जोर
खड़गे ने कहा कि देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाना जरूरी है। उन्होंने रैली में मौजूद लोगों से एकजुट होकर इस लड़ाई में शामिल होने की अपील की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी तभी सत्ता से जाएंगे, जब देश के लोग मजबूती और दृढ़ संकल्प के साथ उनके खिलाफ राजनीतिक संघर्ष करेंगे। खड़गे ने INDIA गठबंधन के सभी दलों से एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया।
ED, CBI और पुलिस से नहीं डरने का ऐलान
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने भाषण में प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और पुलिस जैसी सरकारी एजेंसियों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्षी नेताओं को डराने और उनकी आवाज दबाने के लिए सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
खड़गे ने कहा, “हममें लड़ने की ताकत है और हम पुलिस, CBI, ED या किसी अन्य सरकारी एजेंसी से डरने वाले नहीं हैं। INDIA गठबंधन के नेता भी नहीं डरेंगे। इस मंच पर मौजूद हर व्यक्ति लड़ने के लिए तैयार है। मोदी लोगों को बांटने और उनके वोट छीनने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य किसी एक राजनीतिक दल को सत्ता में लाना भर नहीं है, बल्कि संविधान की रक्षा करना, लोकतंत्र को मजबूत करना और देश को बचाना है। इसके लिए INDIA गठबंधन के सभी दल मिलकर संघर्ष करेंगे।
‘मोदी को हटाएंगे, संविधान की रक्षा करेंगे’
अपने संबोधन के अंत में मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए विपक्षी एकजुटता का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “पीएम मोदी निश्चित रूप से जाएंगे। जब आप दृढ़ संकल्प और एकता के साथ लड़ेंगे, तो जीत हमारी होगी। हम सब मिलकर लड़ेंगे, मोदी को हटाएंगे, संविधान की रक्षा करेंगे, लोकतंत्र को मजबूत करेंगे और अपने देश को बचाएंगे।”
रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की इस महारैली में खड़गे ने चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की सरकारों को लेकर भी ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए। खड़गे के पूरे संबोधन का केंद्र लोकतंत्र, संविधान, मतदाता अधिकार और विपक्षी एकता रहा।




