नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की रैली में भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मतदाता सूची से कथित तौर पर वोट काटे जाने का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा जनता के बीच चुनाव जीतने के बजाय चुनाव आयोग के माध्यम से रास्ता तलाश रही है।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “जो लोग यह कहते हुए आए थे कि उनका रुख अंगद के पैर की तरह अडिग है, उन्हें अब पता चल गया है कि उनके पैरों के नीचे कोई जमीन ही नहीं बची है। ऐसे में अंगद का पैर कहां टिकाएंगे?”
सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ 27 लाख वोट काटे जाने के दावे का जिक्र करते हुए कहा कि 403 विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से देखें तो हर सीट पर औसतन करीब 31 हजार वोट कम हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी संभावित हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ना चाहती है। उनके मुताबिक, रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की एकजुटता का असर यह है कि भाजपा के लोग भी अब अपने वोट कटने की बात कर रहे हैं।
अखिलेश ने ‘डबल इंजन’ सरकार पर तंज कसते हुए काशी में भाजपा को ‘डबल जीरो’ मिलने की बात कही। उन्होंने कहा कि वहां वोटों की गिनती दो रात और तीन दिन तक चली। उन्होंने चंडीगढ़ के चुनावी घटनाक्रम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने वैसी ही चाल चलने की कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं हुई।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार साजिश और षड्यंत्र कर रही है, क्योंकि वह जनता के बीच जीत नहीं पा रही है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव और एसआईआर के दौरान कथित तौर पर वोट काटे जाने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि विपक्षी गठबंधन ने चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने के लिए एकजुट होने का फैसला किया है।
अखिलेश यादव ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची से हजारों वोट हटाए जाने की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं और पीडीए प्रहरियों ने बूथ स्तर पर ऐसे मतदाताओं के नाम तलाशे, जिन्होंने 2019 में मतदान किया था, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में मतदाता सूची में नाम नहीं होने के कारण वोट नहीं डाल सके।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने इस संबंध में चुनाव आयोग को हलफनामा भी सौंपा था, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अखिलेश ने दावा किया कि अब जनता की आवाज उठने के बाद कुछ मामलों में कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं।
सपा प्रमुख ने पीलीभीत में मतदाता सूची से जुड़ी कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि रामपुर लोकसभा चुनाव और उत्तर प्रदेश के उपचुनावों के दौरान भी वोट डालने से रोकने की घटनाएं हुई थीं। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस अधिकारी ने तीन महिलाओं को मतदान करने से रोकने की कोशिश की थी, लेकिन वे पीछे नहीं हटीं और वोट डालकर आईं।
अखिलेश यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव ने महाभारत में शकुनि के पासे का उदाहरण देकर चुनावी धोखे की बात याद दिलाई थी। उन्होंने रामलीला मैदान में जुटी भीड़ को देखते हुए कहा, “आज रामलीला मैदान लोकतंत्र की हल्दीघाटी बन गया है।” उन्होंने दावा किया कि जनसमर्थन और इंकलाब के नारे बदलाव का संकेत दे रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की राजनीति का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा, “जो लोग कभी यूपी से आए थे, वो यूपी से ही बाहर जाएंगे।” उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगियों की ऐसी विदाई होगी कि वे दोबारा सत्ता में नहीं लौट पाएंगे।
उन्होंने रामलीला मैदान का धार्मिक संदर्भ देते हुए भाजपा पर राम के नाम पर चंदा चोरी का आरोप भी लगाया और कहा कि ऐसा करने वालों का नाश होना तय है।
अपने संबोधन के अंत में अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ 27 लाख वोट काटे जाने के दावे को फिर उठाया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का जिक्र किया और कहा कि इस कथित वोट चोरी में एक बड़ी कंपनी की भूमिका भी है। उन्होंने इसे ‘वोट नोचवा’ बताते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए।




