भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), खगड़िया जिला परिषद की ओर से रविवार को बापू नगर स्थित पार्टी कार्यालय योगीन्द्र भवन में पार्टी के पूर्व राज्य सचिव, स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व सांसद कॉमरेड योगीन्द्र शर्मा तथा पूर्व राज्य सचिव एवं पूर्व विधायक कॉमरेड सत्यनारायण सिंह की प्रतिमाओं का अनावरण समारोह आयोजित किया गया। प्रतिमाओं का अनावरण भाकपा की राष्ट्रीय सचिव एवं एटक की महासचिव अमरजीत कौर ने किया।
समारोह में खगड़िया सहित विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और जनसंगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने दोनों नेताओं की प्रतिमाओं पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके संघर्षों को याद किया।
प्रतिमा अनावरण से पहले पैतृक गांव पहुंचीं अमरजीत कौर
प्रतिमा अनावरण समारोह से पहले अमरजीत कौर कॉमरेड सत्यनारायण सिंह के पैतृक गांव पहुंचीं। महेशखूंट पहुंचने पर उनके पुत्र डॉ. अंकित कुमार और भाकपा नेता प्रभाकर प्रसाद सिंह ने उनका स्वागत किया।
इसके बाद महेशखूंट एनएच-31 से सैकड़ों मोटरसाइकिलों के जुलूस के साथ उनका काफिला कैथी हटिया, चौथम पहुंचा। वहां उन्होंने पहले से स्थापित कॉमरेड सत्यनारायण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उपस्थित लोगों को संबोधित किया।

दोपहर करीब 1 बजे अमरजीत कौर का काफिला पार्टी के जिला कार्यालय योगीन्द्र भवन पहुंचा। यहां आयोजित प्रतिमा अनावरण समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ भाकपा नेता प्रभाशंकर सिंह ने की, जबकि संचालन जिला सचिव पुनीत मुखिया ने किया।
अमरजीत कौर ने दोनों नेताओं के संघर्षों को किया याद
समारोह को संबोधित करते हुए अमरजीत कौर ने कहा कि कॉमरेड योगीन्द्र शर्मा और कॉमरेड सत्यनारायण सिंह केवल दो नेता नहीं, बल्कि बिहार के जनसंघर्षों और वाम आंदोलन की जीवंत विरासत हैं।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर किसानों, मजदूरों और मेहनतकश तबकों के अधिकारों की लड़ाई तक कॉमरेड योगीन्द्र शर्मा का योगदान अविस्मरणीय रहा है। उन्होंने किसान आंदोलनों और मजदूर संघर्षों को नई दिशा देने का काम किया। साथ ही शोषित और वंचित तबकों को संगठित किया तथा संसद के भीतर और बाहर मेहनतकश जनता की आवाज को बुलंद किया।
अमरजीत कौर ने कहा कि योगीन्द्र शर्मा का पूरा जीवन सामाजिक न्याय, समानता और शोषणमुक्त समाज के निर्माण के लिए समर्पित रहा।

सत्यनारायण सिंह के भूमि संघर्षों का भी किया उल्लेख
अमरजीत कौर ने कहा कि कॉमरेड सत्यनारायण सिंह ने बिहार में कम्युनिस्ट आंदोलन को मजबूत आधार देने का काम किया। उन्होंने भूमि संघर्षों का नेतृत्व करते हुए हजारों भूमिहीन और गरीब परिवारों को जमीन पर बसाने के आंदोलन को आगे बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि सत्यनारायण सिंह दो बार चौथम से विधायक रहे और बाद में भाकपा बिहार राज्य परिषद के सचिव के रूप में संगठन को गांव-गांव तक मजबूत किया। उनका पूरा राजनीतिक जीवन गरीबों, किसानों, खेत मजदूरों और वंचित तबकों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित रहा।
दोनों नेताओं के विचारों को आगे बढ़ाने का आह्वान

अमरजीत कौर ने कहा कि आज देश में निजीकरण, बेरोजगारी, महंगाई और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। ऐसे समय में कॉमरेड योगीन्द्र शर्मा और कॉमरेड सत्यनारायण सिंह के संघर्ष और विचार पहले से अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से दोनों नेताओं के आदर्शों को आत्मसात करने की अपील की। साथ ही मजदूरों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीब तबकों के अधिकारों की लड़ाई को और मजबूत करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं की विरासत को केवल उनकी प्रतिमाओं तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उनके संघर्षों और विचारों को जनआंदोलन के माध्यम से आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

कई नेताओं ने समारोह को किया संबोधित
समारोह को भाकपा के बिहार राज्य सचिव एवं पूर्व विधायक रामनरेश पांडेय, पूर्व विधान पार्षद उषा साहनी, पूर्व विधायक सूर्यकांत पासवान, पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर, ओमप्रकाश नारायण, मिथिलेश कुमार झा, जानकी पासवान, सचिवमंडल सदस्य सुरेंद्र सौरव, रामलला सिंह, इरफान अहमद फातमी, रामचंद्र महतो, प्रभाकर प्रसाद सिंह तथा एटक के राज्य महासचिव अजय कुमार सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।

वक्ताओं ने कहा कि कॉमरेड योगीन्द्र शर्मा और कॉमरेड सत्यनारायण सिंह ने अपना पूरा जीवन शोषित, पीड़ित, किसानों, मजदूरों और मेहनतकश जनता के अधिकारों की लड़ाई में समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं का संघर्ष, सादगी, वैचारिक प्रतिबद्धता और जनसरोकार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। नेताओं ने दोनों दिवंगत नेताओं के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प दोहराया।




