देश की सत्ता पर ऐसे लोग काबिज हैं जो आजादी की लड़ाई में शामिल नहीं थे – अमरजीत कौर

पटना: ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) की राष्ट्रीय महासचिव काॅमरेड अमरजीत कौर ने आज बिहार एटक के मुख्यालय केदार भवन के ‘काॅ जगन्नाथ सरकार सभागार’ एवं ‘काॅ गौरी गांगुली कक्ष’ के उद्घाटन समारोह के अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज शोषण के विरुद्ध राजनीतिक संघर्ष के साथ-साथ सामाजिक व सांस्कृतिक आंदोलन भी महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने अपने संबोधन में वेनेजुएला पर अमरीकी हमला और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के अपहरण की चर्चा करते हुए विश्व पर आसन्न अमरीकी साम्राज्यवादी खतरे के प्रति लोगों को सचेत किया। उन्होंने कहा कि आज सभी भारतवासियों को अपने देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने वर्तमान समय में गुटनिरपेक्ष आंदोलन तथा सार्क एवं ब्रिक्स संगठनों को मजबूत करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।

एटक महासचिव काॅ अमरजीत कौर ने भारत के पड़ोस में हो रहे उथल-पुथल की चर्चा करते हुए कहा कि बेरोजगारी, मंहगाई और भ्रष्टाचार उसके मूल में है, लेकिन सभी जगह फिरकापरस्त ताकतें पूंजीवादी सत्ता के पक्ष में उसका इस्तेमाल करने का प्रयास कर रही हैं। सांप्रदायिकता की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया के सभी देशों में अल्पसंख्यकों को सम्मान के साथ रहने की जरूरत है।

काॅ अमरजीत कौर ने कहा कि दक्षिणपंथी ताकतें बलिदान और संघर्ष से प्राप्त मजदूरों और आम लोगों के अधिकार को छीनने का प्रयास कर रही हैं। नए लेबर कोड के द्वारा मजदूरों के हड़ताल करने के अधिकार को छीनने का काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि आज देश की सत्ता पर ऐसे लोग काबिज हैं जो देश की आजादी की लड़ाई में शामिल नहीं थे और आज देश की जनतांत्रिक संस्थानों और उपलब्धियों को कुचलने को उद्धत है। उन्होंने मजदूरों से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों और देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए लंबी लड़ाई लड़ने को तैयार रहें।

ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड काॅलेज टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईफुक्टो) के राष्ट्रीय महासचिव प्रो अरूण कुमार ने कहा कि वर्तमान सत्ता न सिर्फ भारत के जनतांत्रिक संस्थानों को खत्म करने को उतारू है, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करते हुए देश को गुलामी की ओर ढकेल रही है।

उद्घाटन समारोह पर आयोजित सभा को बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन के महासचिव काॅमरेड जानकी पासवान, सेंट्रल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (सीटू) नेता काॅमरेड अरूण मिश्रा, मार्क्सवादी चिंतक श्री जब्बार आलम, सीटू नेता आर एन ठाकुर आदि ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर वेनेजुएला पर अमरीकी सैन्य हमला की तीव्र भर्त्सना करते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया गया।

बिहार एटक की नेत्री काॅ उषा साहनी और आंगनबाड़ी की कार्यकर्ताओं ने काॅ अमरजीत कौर को शाल ओढ़ाकर सम्मानित एवं स्वागत किया। बिहार एटक के महासचिव काॅ अजय कुमार ने सभागार में उपस्थित लोगों का स्वागत किया। बिहार एटक के अध्यक्ष काॅ गजनफर नवाब एवं केदार दास संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो अरूण कुमार ने संयुक्त रूप से उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता की। केदार दास संस्थान के वरिष्ठ सदस्य काॅ अनील राय ने समारोह का संचालन किया। इस अवसर पर जन संस्कृति मंच ने लोकगीतों का गायन किया। समारोह में काॅ ज्ञानचंद भारद्वाज, काॅ रामजीवन सिंह, काॅ विजय नारायण मिश्रा, काॅ अजय कुमार सिंह, काॅ राम बाबू कुमार, काॅ रवीन्द्र नाथ राय, काॅ जीतेन्द्र कुमार, काॅ अक्षय कुमार, काॅ संजय चौधरी, काॅ कामायनी स्वामी, काॅ निवेदिता, काॅ कुमार बिंदेश्वर, काॅ कौशलेंद्र कुमार, काॅ जयप्रकाश, काॅ चंद्रबिंद, काॅ किसलय आदि की गरिमामय उपस्थिति रही।

Posted by Ashok Kumar Sinha

अशोक कुमार सिन्हा ने पटना विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की है। उन्हें इतिहास, दर्शन, साहित्य और समसामयिक घटनाओं में गहरी रुचि है। वे राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रमों पर अपनी सुस्पष्ट और विश्लेषणात्मक टिप्पणियों के लिए ख्यातिप्राप्त हैं। वे समय-समय पर सामाजिक, राजनीतिक और वैश्विक मामलों पर लेख लिखते हैं, जो पाठकों को सम्पूर्ण संदर्भ और गहराई प्रदान करते हैं।