बिहार में बिजली कटौती को लेकर राजनीतिक तापमान भी तेज होता जा रहा है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने राज्य सरकार से 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की गारंटी देने की मांग की है। पार्टी के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा के बाद पूरे राज्य में बिजली कटौती की समस्या और बढ़ गई है।
‘बिजली मुफ्त का वादा, लेकिन कटौती जारी’
रामनरेश पांडेय ने कहा कि “जब से मुफ्त बिजली योजना की घोषणा हुई है, तब से पूरे बिहार में बिजली की अघोषित कटौती शुरू हो गई है। राज्य भर से इसकी शिकायतें मिल रही हैं, जिससे आम जनता परेशान है।”
भाकपा ने राज्य सरकार से मांग की है कि:
- सभी उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाए।
- स्मार्ट मीटर योजना को वापस लिया जाए।
- 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
सूखा, गर्मी और बिजली संकट में किसान बेहाल
भाकपा ने राज्य में सूखे और भीषण गर्मी का भी हवाला देते हुए कहा कि इससे किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। “धान की रोपनी का समय चल रहा है और किसान पटवन कर रहे हैं, लेकिन बिजली की कटौती से खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा। इससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है,” रामनरेश पांडेय ने कहा।
उन्होंने यह भी मांग की कि किसानों को मुफ्त बिजली दी जाए, ताकि वे संकट की इस घड़ी में खेती जारी रख सकें।
आंदोलन की चेतावनी
रामनरेश पांडेय ने कहा कि अगर राज्य सरकार ने जल्द बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं की तो भाकपा राज्यव्यापी आंदोलन चलाने को बाध्य होगी।
“बिजली जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर राज्य सरकार की नाकामी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता के हक में हमारी लड़ाई सड़क से विधानसभा तक जारी रहेगी,” रामनरेश पाण्डेय ।