जानीपुर हत्याकांड: दो मासूमों को ज़िंदा जलाने की घटना पर बिहार महिला समाज ने जताई गहरी चिंता, सरकार को ठहराया जिम्मेदार

फुलवारी शरीफ के जानीपुर गांव में दो मासूम भाई-बहन को ज़िंदा जला देने की घटना ने पूरे बिहार को झकझोर दिया है। घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित परिवार सदमे और दहशत में है। इस अमानवीय अपराध की जांच करने शुक्रवार को बिहार महिला समाज का प्रतिनिधिमंडल नगवा गांव पहुंचा और परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की

बिहार महिला समाज की अध्यक्ष निवेदिता झा ने घटना स्थल पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “बिहार में आम लोग सुरक्षित नहीं हैं। बच्चों को घर के अंदर जलाकर मार दिया गया और पुलिस अब तक खाली हाथ है। सरकार और प्रशासन दोनों इस वीभत्स घटना के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।”

परिवार ने सुनाई दिल दहला देने वाली आपबीती

मारे गए बच्चों के पिता ललन गुप्ता ने बताया कि रोज़ की तरह बच्चों को स्कूल भेजकर वह काम पर चले गए थे। माँ शोभा देवी, जो एम्स में काम करती हैं, जब दोपहर ढाई बजे ड्यूटी से लौटीं, तो बच्चों को जली हुई हालत में बिस्तर पर पाया। बेटी अंजली 10वीं की छात्रा थी और बेटा अंश चौथी कक्षा में पढ़ता था।

परिजनों के अनुसार, बेटी के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था और बेटे के सिर पर गहरे चोट के निशान थे। यह इंगित करता है कि दोनों के साथ पहले हिंसा की गई और फिर उन्हें जलाकर मार डाला गया। नाना चंद्रिका प्रसाद ने इस घटना को “पूर्व नियोजित हत्या” बताया।

गाँव में पसरा है सन्नाटा और डर

नगवा गांव के लोग इस घटना से सकते में हैं। क़रीब 100 घरों वाले इस टोले में डर और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में पहले भी अपराधिक गतिविधियां होती रही हैं, लेकिन इस स्तर की क्रूरता पहली बार देखी गई है।

पुलिस अब तक खाली हाथ, सवालों के घेरे में प्रशासन

घटना के बाद से अब तक पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। जानीपुर थाना के प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है और जांच सभी संभावित एंगल से की जा रही है। पुलिस ने इलाके में काम कर रहे कुछ मजदूरों को हिरासत में लिया है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

जांच दल की प्राथमिक रिपोर्ट में गंभीर आरोप

महिला समाज के जांच दल ने अपनी प्राथमिक रिपोर्ट में कहा है कि:

  • यह हत्या पूर्व नियोजित प्रतीत होती है।
  • बच्ची के साथ यौन हिंसा की आशंका है।
  • अपराधी संभवतः घर की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।
  • पहचान उजागर होने के डर से दोनों बच्चों को जलाया गया हो सकता है।
  • पुलिस इस मामले को प्रेम प्रसंग जैसा मोड़ देने की कोशिश कर सकती है।

स्कूल प्रशासन का बयान

बच्चों के स्कूल “स्प्रेट्रम एकेडमी” के प्रिंसिपल इजहार आलम ने कहा, “दोनों बच्चे पढ़ाई में बहुत अच्छे थे। छात्रा अंजली मेधावी और अनुशासित लड़की थी। हम इस घटना से स्तब्ध हैं और पुलिस को हर संभव सहयोग दे रहे हैं।”

बिहार महिला समाज की मांगें

  1. दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी हो और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो।
  2. पीड़ित परिवार को उचित मुआवज़ा दिया जाए।
  3. जानीपुर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम हों।
  4. राज्य भर के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
  5. पुलिस की निष्क्रियता के लिए जवाबदेही तय की जाए।

सरकार और मुख्यमंत्री पर सवाल

महिला समाज की अध्यक्ष निवेदिता झा ने राज्य सरकार से सीधे सवाल पूछा, “क्या बिहार में बच्चे और बच्चियां घर के अंदर भी सुरक्षित नहीं हैं? मुख्यमंत्री जवाब दें कि उनके राज्य में बच्चों को न्याय मिलेगा या नहीं?”

Posted by Abhishek Kumar

Journalist