बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) द्वारा जारी वित्त वर्ष 2023–24 की रिपोर्ट ने नीतीश सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट में सरकारी खर्च, योजना कार्यान्वयन और पारदर्शिता के स्तर को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं।
धीरेंद्र झा ने सरकार पर बोला हमला
खेग्रामस के महासचिव धीरेंद्र झा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यह रिपोर्ट बिहार सरकार के कथित विकास मॉडल की असलियत को उजागर करती है। उन्होंने राज्य में संस्थागत भ्रष्टाचार, प्रशासनिक विफलता और आर्थिक कुप्रबंधन को इसकी मूल वजह बताया।
उन्होंने नीतीश सरकार पर आंकड़ों की बाज़ीगरी का आरोप लगाते हुए विधानसभा में श्रम मंत्री विजय कुमार चौधरी के बयान को “झूठा” बताया, जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहार के केवल 26 लाख मजदूर राज्य से बाहर हैं। झा ने कहा, “खुद केंद्र सरकार के श्रम विभाग के अनुसार यह संख्या 2.9 करोड़ है।”
कैग रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
- बुनियादी ढांचे में नगण्य वृद्धि: 2019–20 में विकास दर 21.66% थी, जो 2023–24 में केवल 22.30% पर पहुंची।
- बजट खर्च में बड़ी गिरावट: ₹3.26 लाख करोड़ के कुल बजट में से सिर्फ ₹2.61 लाख करोड़ ही खर्च हो सके।
- ₹49,649 करोड़ का उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं जमा: इससे भ्रष्टाचार की आशंका और गहराई।
- SC/ST सब प्लान फंड का दुरुपयोग: PM और CM यात्राओं पर खर्च की गई धनराशि।
- राजकोषीय घाटा बढ़कर 4.17% हुआ, जो निर्धारित सीमा 3.5% से अधिक है।
- अनुपूरक बजट की आवश्यकता पर भी सवाल, क्योंकि मूल बजट भी पूरी तरह खर्च नहीं हुआ।
बिहार की गिरती आर्थिक स्थिति
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि बिहार प्रति व्यक्ति आय के मामले में देशभर में 33वें स्थान पर है, जबकि 1990 के दशक में यह 28वें पायदान पर था। इसके अलावा, 34% परिवार अब भी महा–गरीबी में जी रहे हैं। रिपोर्ट में यह संकेत भी है कि गरीबी उन्मूलन और सामाजिक न्याय के मुद्दे सरकार की प्राथमिकता से बाहर होते जा रहे हैं।
‘बदलाव अब नारा नहीं, जन–आवाज है’: खेग्रामस
धीरेंद्र झा ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक-आर्थिक रिपोर्ट जारी करने के बावजूद जन–विरोधी ताकतों से फिर हाथ मिला लिया है। उन्होंने कहा, “बिहार को एक नए विकासपथ की जरूरत है और वह रास्ता पारदर्शिता, सामाजिक न्याय और जनभागीदारी से होकर ही निकलेगा।”
उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन बिहार को भ्रष्टाचार और गरीबी के दुष्चक्र से बाहर निकालने के लिए संकल्पबद्ध है।