सुमन्त
सुमन्त साहित्यिक, सांस्कृतिक तथा प्रगतिशील पत्रकारिता की धारा के एक समर्पित और प्रतिष्ठित नाम हैं। बिहार सहित देश की कई प्रमुख संस्थाओं और पत्र-पत्रिकाओं में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उन्होंने सामाजिक सरोकारों को केंद्र में रखकर सतत लेखन किया है। गद्य और पद्य दोनों विधाओं में उनकी लेखनी समान रूप से प्रभावशाली रही है।
उन्होंने जनपक्षधर विचारों से संपन्न पत्र-पत्रिकाओं जैसे जनयुग, जनशक्ति, युवक धारा, ज्ञान-विज्ञान, रौशनाई, मैत्री-शांति, दिशा वाम तथा श्रम सरोकार आदि के संपादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
दी आज़ादी (The Azadi) पर वे नियमित कॉलम के माध्यम से समाज, संस्कृति, लोकतंत्र और जनपक्षधर मुद्दों पर विचार प्रस्तुत करते हैं।
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