केरल में जन्मीं नित्या रमन ने लॉस एंजिल्स के मेयर पद का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। वह अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर की पहली भारतीय-अमेरिकी और पहली दक्षिण एशियाई मेयर बनने जा रही हैं। मौजूदा मेयर करेन बास ने अपनी हार स्वीकार कर ली है और सत्ता के सुचारू हस्तांतरण का भरोसा दिया है।
नित्या रमन की जीत ने उन्हें अमेरिका के प्रमुख शहरों में से एक लॉस एंजिल्स के नेतृत्व तक पहुंचा दिया है। अर्बन प्लानर और सिटी काउंसिल सदस्य रमन के राजनीतिक सफर में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने वर्ष 2020 में पहली बार लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल का चुनाव जीता था और 2024 में दोबारा निर्वाचित हुई थीं।
रमन ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “लॉस एंजिल्स, आपकी अगली मेयर बनना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है।”
लॉस एंजिल्स काउंटी चुनाव के स्थानीय समयानुसार शाम 4:34 बजे अपडेट किए गए नतीजों के मुताबिक, नित्या रमन को 4,60,772 वोट मिले, जो कुल मतों का 52.70 प्रतिशत है। वहीं, मौजूदा मेयर करेन बास को 4,13,519 वोट यानी 47.30 प्रतिशत मत मिले।
शुरुआती मतगणना में रमन की बढ़त 34,654 वोट थी, जो बाद में बढ़कर 47,253 हो गई। हालांकि, ये आंकड़े अनौपचारिक हैं, क्योंकि चुनाव अधिकारी मंगलवार को हुए मतदान के मतपत्रों की गिनती और उनकी प्रोसेसिंग का काम जारी रखे हुए हैं।
करेन बास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अपनी हार स्वीकार करते हुए रमन को बधाई दी। उन्होंने कहा, “मैंने काउंसिल सदस्य रमन को बधाई देने के लिए फोन किया है। मैं सत्ता के सुचारू हस्तांतरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं।”
बास ने अपने समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि वह लॉस एंजिल्स शहर के लिए काम करना जारी रखेंगी। वहीं, रमन ने भी बताया कि उनकी बास से बातचीत हुई है। उन्होंने शहर के नेतृत्व और दशकों तक जनसेवा के लिए बास का आभार जताया।
लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल की सदस्य एड्रिन नजारियन ने भी रमन को जीत की बधाई दी। उन्होंने कहा कि वे दोनों अप्रवासी के रूप में अमेरिका आए थे और यहां अपना नया जीवन बनाया। नजारियन ने रमन के काउंसिल डिस्ट्रिक्ट 4 का प्रतिनिधित्व करने से लेकर मेयर बनने तक के सफर को ‘अमेरिकन ड्रीम’ की मिसाल बताया।
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, मध्यम वर्ग पर आर्थिक दबाव, सार्वजनिक परिवहन और लॉस एंजिल्स में मनोरंजन उद्योग से जुड़े रोजगार जैसे मुद्दों पर वह रमन के साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं। नजारियन ने निवर्तमान मेयर करेन बास को भी उनकी जनसेवा के लिए धन्यवाद दिया। बास राज्य विधायक, कांग्रेस सदस्य और लॉस एंजिल्स की पहली अश्वेत महिला मेयर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
लॉस एंजिल्स काउंटी के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी नाथन होचमैन ने भी रमन को बधाई दी और बास के कार्यकाल के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने जन सुरक्षा को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए कहा कि वह नए मेयर और उनकी टीम के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं, ताकि शहर के हर निवासी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
होचमैन ने स्पष्ट किया कि उनका कार्यालय तथ्यों, कानून और सबूतों के आधार पर मामलों की कार्यवाही जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव के नतीजों से उनके कार्यालय के काम करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं आएगा।
किफायती आवास और बेघर लोगों की समस्या पर रहा चुनाव अभियान का जोर
नित्या रमन का चुनाव अभियान मुख्य रूप से किफायती आवास, बेघर लोगों की समस्या और शहर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार पर केंद्रित था। उन्होंने सड़कों के गड्ढों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था बेहतर बनाने और पुलिस व्यवस्था में बदलाव का वादा किया था।
भारत में जन्मीं नित्या रमन महज छह साल की उम्र में अपने परिवार के साथ अमेरिका चली गई थीं। उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से अर्बन प्लानिंग में मास्टर डिग्री हासिल की।
राजनीति में आने से पहले उन्होंने बेघर लोगों की समस्याओं पर काम किया था और ‘सेलाह नेबरहुड होमलेस कोएलिशन’ की सह-स्थापना की थी।
वर्ष 2020 में रमन लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल के लिए चुनी जाने वाली पहली एशियाई-अमेरिकी महिला और पहली दक्षिण एशियाई सदस्य बनी थीं। 2024 में उन्होंने दोबारा चुनाव जीतकर अपनी सीट बरकरार रखी थी।
इस जीत के साथ नित्या रमन का नाम अमेरिका में भारतीय मूल के उन लोगों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने वहां के सार्वजनिक जीवन और राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया है।




