STET परीक्षा को लेकर पटना में छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस लाठीचार्ज में कई घायल

पटना: शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) की तिथि घोषित न होने से नाराज छात्र-छात्राओं का गुस्सा गुरुवार को राजधानी पटना की सड़कों पर फूट पड़ा। TRE-4 परीक्षा से पहले STET आयोजित करने की मांग को लेकर हजारों अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। लेकिन मामला तब और गंभीर हो गया जब जेपी गोलंबर के पास पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।

प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि वे सिर्फ STET परीक्षा की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने बिना चेतावनी के बल प्रयोग किया। इस लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ के सिर फट गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। महिला प्रदर्शनकारी भी पुलिस की मार से नहीं बच सकीं। एक छात्रा, खुशबू पाठक, ने बताया कि उन्हें लाठी से मारा गया और धक्का देकर गिरा दिया गया।

छात्रों की प्रमुख मांगें:

  • TRE-4 और TRE-5 से पहले STET परीक्षा कराई जाए
  • शिक्षा विभाग में पारदर्शिता लाई जाए
  • वर्ष में दो बार TET परीक्षा आयोजित करने के वादे को पूरा किया जाए
  • बिना पात्रता के कोई भर्ती प्रक्रिया आगे न बढ़ाई जाए
  • महिला और सभी अभ्यर्थियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार हो

प्रदर्शन की शुरुआत भिखना पहाड़ी से हुई, जो गांधी मैदान होते हुए मुख्यमंत्री आवास तक जाने की योजना के तहत आगे बढ़ रहा था। छात्रों के हाथों में प्लेकार्ड और तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था — “STET नहीं तो वोट नहीं”, “हमें अधिकार चाहिए, रहम नहीं”

TRE-4 और डोमिसाइल नीति को लेकर नाराजगी

हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने TRE-4 और TRE-5 परीक्षा की घोषणा की है, जिसमें डोमिसाइल नीति को लागू करने का भरोसा दिया गया है। लेकिन जिन छात्रों ने अब तक STET/BTET पास नहीं किया है, वे इस भर्ती प्रक्रिया से वंचित रह जाएंगे। इसी कारण STET परीक्षा को जल्द से जल्द आयोजित करने की मांग जोर पकड़ चुकी है।

प्रदर्शन के दौरान जैसे-जैसे छात्रों की भीड़ बढ़ी, वैसे-वैसे पटना के कई इलाकों में ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बन गई। डाक बंगला चौराहा और जेपी गोलंबर के पास स्थिति सबसे तनावपूर्ण रही, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर छात्रों को आगे बढ़ने से रोका। यही से झड़प शुरू हुई और फिर लाठीचार्ज किया गया।

प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि जब वे शांतिपूर्वक अपनी मांगें रख रहे थे, तो पुलिस द्वारा बल प्रयोग करना पूरी तरह असंवैधानिक और अमानवीय है। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग की लापरवाही और सरकार की उदासीनता ने उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर किया है।

प्रदर्शन में भाग लेने आए एक छात्र ने कहा, “हम सरकार से नौकरी नहीं मांग रहे, सिर्फ पात्रता का अवसर चाहते हैं। STET परीक्षा के बिना TRE-4 सिर्फ एक धोखा है।”

Posted by The Azadi