बिहार में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ लगातार बढ़ रही यौन हिंसा की घटनाओं के विरोध में शनिवार को पटना में विभिन्न महिला संगठनों ने संयुक्त रूप से रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। बुद्धा स्मृति पार्क के पास आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठनों की प्रतिनिधियों ने भाग लिया और सरकार से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा हाल ही में सामने आई पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में जहानाबाद की छात्रा के साथ हुई बलात्कार एवं अमानवीय दरिंदगी की घटना, खगड़िया में चार वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या, तथा पूर्णिया जिले में महिला के साथ यौन हिंसा की घटनाओं को लेकर था। महिला संगठनों ने कहा कि ये घटनाएँ यह साबित करती हैं कि बिहार में महिलाएँ और बच्चियाँ खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
सरकार और प्रशासन पर उठे सवाल
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए बिहार महिला समाज की अध्यक्ष निवेदिता झा ने कहा कि बिहार में महिलाओं पर बढ़ते आपराधिक हमलों की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की है। उन्होंने कहा कि यौन हिंसा के मामलों में समय पर कार्रवाई नहीं होने से अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
निवेदिता झा ने कहा कि कई मामलों में घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस और प्रशासन की गंभीर विफलता को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हॉस्टल, स्कूल और कॉलेज जैसी जगहों पर भी लड़कियाँ सुरक्षित नहीं हैं, तो सरकार महिला सुरक्षा के अपने दावों को कैसे सही ठहरा सकती है।
महिला संगठनों की प्रमुख मांगें
बिहार महिला समाज की अध्यक्ष निवेदिता झा ने महिला संगठनों की ओर से निम्नलिखित मांगें रखीं—
- महिलाओं पर बढ़ते आपराधिक हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए राज्य सरकार जवाबदेही तय करे।
- सभी यौन हिंसा के मामलों की त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाए तथा दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
- सभी मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के तहत कर अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
- सरकारी एवं निजी स्कूलों, कॉलेजों और हॉस्टलों में रह रही छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता और प्रभावी व्यवस्था की जाए।
- यौन हिंसा के पीड़ितों और उनके परिवारों को उचित मुआवजा, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित किया जाए।
- 24 घंटे बीत जाने के बावजूद अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर जिम्मेदार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी
महिला संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और दोषियों को सजा दिलाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह आंदोलन आगे चलकर राज्यव्यापी स्तर पर और तेज किया जाएगा।
इस संयुक्त प्रदर्शन में बिहार महिला समाज से अध्यक्ष निवेदिता झा, पटना जिला सचिव कृष्णा देवी एवं रिंकू कुमारी; एडवा की राज्य अध्यक्ष बिन्दु कुमारी सिंह, सुनिता कुमारी एवं कौशल्या देवी; ऐपवा से सरोज चौबे; मेरी पंचायत मेरी शक्ति संगठन से रीमा देवी, रूबी कुमारी एवं नुसरत जहाँ; IBTIDA नेटवर्क से अख्तरी बेगम तथा सामाजिक कार्यकर्ता पूनम और चंद्रकांता सहित विभिन्न महिला संगठनों की प्रतिनिधियाँ शामिल रहीं।