पटना: भारतीय जनता पार्टी की युवा नेत्री व ‘बाढ़ की बेटी’ नाम से चर्चित नेहा सिंह ने आज बाढ़ के लक्ष्मी भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यदि जनता उन्हें इस बार विधानसभा भेजती है, तो उनकी पहली प्राथमिकता बाढ़ को जिला बनाना होगी। उन्होंने कहा कि यह मांग दशकों पुरानी है और बचपन से वे इसे सुनती आ रही हैं। उन्होंने वादा किया कि जब तक बाढ़ को जिला नहीं बनाया जाता, तब तक वे विधानसभा के पटल पर यह मुद्दा लगातार उठाती रहेंगी।
रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर होगा फोकस
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेहा सिंह ने कहा कि क्षेत्र के युवाओं को रोजगार से जोड़ना और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देना उनका प्रमुख लक्ष्य है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित एक रोजगार मेले में करीब 3,500 युवाओं ने आवेदन किया था, जिनमें से लगभग 700 युवाओं के आवेदन पर विभिन्न कंपनियों ने रुचि दिखाई और 150 से अधिक युवाओं को अच्छा पैकेज मिला।
“मैं चाहती हूं कि हमारे क्षेत्र के युवा आत्मनिर्भर बनें। स्किल डेवलपमेंट, स्वरोजगार और आधुनिक प्रशिक्षण के माध्यम से ही युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा,” उन्होंने कहा।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर
नेहा सिंह(Neha Singh) ने बाढ़ क्षेत्र के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाढ़ को “छोटा काशी” कहा जाता है। यहाँ प्रसिद्ध उमानाथ मंदिर समेत कई धार्मिक स्थल हैं, जिन्हें पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में अयोध्या का भव्य निर्माण हुआ और वह विश्व स्तर पर पहचान बना रहा है। उसी तरह बाढ़ को भी धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर लाना हमारा लक्ष्य है।”
महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
नेहा सिंह ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना से पूरी तरह सहमत हैं।
उन्होंने कहा, “बेटियां ही परिवार की धुरी होती हैं। महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार पर काम करना मेरा संकल्प है।”
एनडीए सरकार के कार्यों की सराहना
एनडीए की नीतियों की प्रशंसा करते हुए नेहा सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने पिछले दो दशकों में अभूतपूर्व विकास किया है।
उन्होंने कहा, “बीस साल पहले का बिहार और आज का बिहार, दोनों में जमीन-आसमान का अंतर है। पहले राज्य में भय और असुरक्षा का माहौल था, आज महिलाएं और व्यापारी खुलकर काम कर रहे हैं।”
पार्टी निर्णय पर जताया विश्वास
जब उनसे पूछा गया कि क्या वर्तमान विधायक का टिकट काटकर उन्हें उम्मीदवार बनाया जाएगा, तो नेहा सिंह ने कहा,
“मैं भाजपा परिवार की सदस्य हूं और पार्टी संगठन के फैसले का सम्मान करती हूं। जो भी निर्णय पार्टी लेगी, मैं उसके साथ रहूंगी। मुझे भरोसा है कि पार्टी इस बार मुझे मौका देगी।”
‘पैराशूट कैंडिडेट’ कहने वालों को दिया जवाब
कुछ लोगों द्वारा “पैराशूट कैंडिडेट” कहे जाने पर उन्होंने कहा,
“यह आरोप पूरी तरह निराधार है। मैं बाढ़ की बेटी हूं, यहीं पली-बढ़ी हूं। मेरे दादा सामाजिक कार्यकर्ता थे और हमारा घर बाढ़ कचहरी में है। लोग मुझे अच्छी तरह जानते हैं। जो लोग सवाल उठा रहे हैं, वे पहले मेरे काम को देखें।”
“राजनीति नहीं, विकास मेरा लक्ष्य है”
नेहा सिंह ने कहा कि उनकी राजनीति विकास केंद्रित है, न कि व्यक्तिगत लाभ या पद की इच्छा से प्रेरित।
“मेरा लक्ष्य है बाढ़ का सर्वांगीण विकास, युवाओं को अवसर, महिलाओं को सम्मान और धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण।
युवा नेत्री नेहा सिंह ने अपने संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि वे बाढ़ विधानसभा क्षेत्र में विकास, रोजगार और महिलाओं के सशक्तिकरण की राजनीति करना चाहती हैं। जनता का समर्थन और पार्टी का विश्वास मिलने पर वे क्षेत्र के हर नागरिक की आवाज बनकर विधानसभा में बाढ़ को जिला बनाने की दिशा में काम करेंगी।