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स्वामी सहजानंद सरस्वती के 73 वें पुण्यतिथि पर संयुक्त किसान मोर्चा का किसान कन्वेंशन

किसान आंदोलन के प्रणेता व स्वतंत्रता सेनानी स्वामी सहजानंद सरस्वती के 73 वें पुण्यतिथि के मौके पर संयुक्त किसान मोर्चा – बिहार ने बिहटा स्थिति श्री सीताराम आश्रम में किसान कन्वेंशन आयोजित किया। कन्वेंशन में किसान नेताओं ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। संयुक्त किसान मोर्चा राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के 100वीं जयंती के अवर पर 23 सितंबर 2023 को बिहटा में किसान महापंचायत लगाने का निर्णय लिया है। आगे 24 सितंबर को बिहटा के श्री सीताराम आश्रम से ही किसानों का विशाल कारवां विधानसभा घेराव के लिए पटना की ओर पैदल कूच करेगा।
कन्वेंशन की अध्यक्षता दिनेश सिंह, अशोक प्रसाद सिंह,  अनिल कुमार सिंह, रामायण सिंह, आशीष रंजन, मनोज कुमार और बाल गोविंद सिंह की सात सदस्यीय अध्यक्ष मंडली ने किया।

सर्वप्रथम दिनेश सिंह ने दिल्ली किसान आंदोलन में शहीद हुए 750 किसानों, लखीमपुर खीरी में शहीद हुए किसान एवं पत्रकार, मणिपुर हिंसा और बालासोर के ट्रेन दुर्घटना में मृत हुए सभी लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हजारों की संख्या में उपस्थित लोगों ने 2 मिनट खड़ा होकर मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा श्रद्धा सुमन अर्पित किया। बिहार राज्य किसान सभा के महासचिव अशोक प्रसाद सिंह ने कहा कि किसान समस्याओं में पैदा लेते हैं और समस्याओं में ही दम तोड़ देते हैं।  उनकी अनंत समस्या है, परंतु समस्याओं की लंबी फेहरिस्त होने पर मांग का महत्व घट जाता है। इसलिए मात्र 21 सूत्री मांगों का प्रस्ताव किसानों के कन्वेंशन ने पेश किया है। उन्होंने स्वामी सहजानंद सरस्वती के वसूलो, उनके सपनों की चर्चा करते हुए उनके जीवन पर प्रकाश डाला।  किसान नेता दिनेश सिंह ने आंदोलन की रूपरेखा पेश करते हुए 15 जुलाई तक सभी जिलों की संयुक्त बैठक आयोजित करने की बात कही।

15 जुलाई से 15 अगस्त तक सभी प्रखंडों में संयुक्त बैठक एवं किसानो की मांग पत्र पर कंवेशन आयोजित करने का निर्णय लिया गया।  कन्वेंशन में उन्हौने 23 सितंबर को किसान महापंचायत आयोजित करने तथा 24 सितंबर को विधानसभा घेराव केबलिये पटना चलो के कार्यक्रम का प्रस्ताव पेश किया। इस अवसर पर झारखंड  से आए ऑल इंडिया किसान सभा के नेता के डी सिहं ने स्वामी सहजानंद सरस्वती के 73वीं पुण्यतिथि पर उनके प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और उन्होंने किसान आंदोलन के अपने तजुर्बे को लोगों के बीच व्यक्त किया। उन्होंने बिहार में स्वामी जी की कर्म भूमि बिहटा से एक बड़ा किसान आंदोलन खड़ा करने का आह्वान किया। भारतीय किसान यूनियन के उत्तरप्रदेश के उपाध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह ने दिल्ली बॉर्डर पर हुए किसान आंदोलन की चर्चा करते हुए जल्द से जल्द बड़ा आंदोलन बिहार में खड़ा करने के लिए किसानों को ललकारा। दोनों प्रस्ताव पर किसान नेता रामायण सिंह,अनिल कुमार सिंह,वी वी सिंह, बाल गोविंद सिंह, गोपाल कृष्ण, देव कुमार, रामनरेश महतो,रामकिशोर झा,प्रो कमला सिंह, अभिमन्यु कुमार,प्रमोद सिंह,गांधीजी, नागेश्वर यादव,त्रयंबकराज,गोपाल कुमार आदि ने अपने विचार व्यक्त किया।

कन्वेंशन में भाग ले रहे बिहार के 35 जिलों से आए हजारों प्रतिनिधियों ने करतल ध्वनि के साथ दोनों प्रस्ताव का समर्थन किया। इस अवसर पर किसान नेता मनोज मिश्रा ने अपने क्रांतिकारी गीतों से लोगों में एक नया क्रांतिकारी स्प्रिट पैदा किया। सभी लोगों ने स्वामी सहजानंद सरस्वती के समाधिस्थल व प्रतिमा पर फूल माला चढ़ाकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा समारोह का समापन किया।

किसान कन्वेंशन द्वारा पारित मुख्य मांगे

संयुक्त किसान मोर्चा – बिहार द्वारा भारत में संगठित किसान आंदोलन के जनक एवं किसानों के मसीहा स्वामी सहजानंद सरस्वती की 73 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किसान कन्वेंशन में पारित 21 सूत्री मांग पत्र इस प्रकार है।

  • सी-2 के आधार पर सभी फसलों का लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दो।
  • केंद्रीय कानून के आलोक में वर्तमान बाजार मूल्य के आधार पर सभी अधिग्रहित जमीन का मुआवजा किसानो को दिया जाए।
  • बरसों से जमाबंदी जमीन को सरकारी जमीन घोषित करना बंद करो।
  • सोन नहर में पर्याप्त पानी के लिए कदवन जलाशय का अविलंब निर्माण किया जाए।
  • उत्तर कोयल नहर परियोजना को अविलंब चालू करो तथा पुनपुन नदी में सालों भर पानी की गारंटी करो।
  • आवारा पशुओं की आवारागर्दी पर रोक तथा बर्बाद हुए फसलों का पर्याप्त मुआवजा किसानों को दिया जाए।
  • प्रीमियम मुक्त सभी फसलों का फसल बीमा पुनः बिहार में चालू किया जाए
  • ए.पी.एम.सी एक्ट को पुनः बिहार में चालू करो।
  • बाढ़-सुखाड़ का स्थाई निदान तथा सिंचाई के
  • लिए मुफ्त बिजली किसानों को दिया जाए।
  • बिजली बिल विधेयक 2022 को वापस लो।
  • सभी प्रकार के कार्यों से किसानों को कर्ज मुक्त करो।
  • किसान आंदोलन में हुए सभी मुकदमे को अविलंब वापस लो।
  • किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों को शहीद का दर्जा दो,उनके परिवार को मुआवजा दो तथा उनके स्मारक निर्माण हेतु सिंधु बॉर्डर पर जमीन एलॉट करो।
  • लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या करवाने वाले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ट्रेनी को बर्खास्त कर अविलंब गिरफ्तार करो।
  • दुग्ध उत्पादकों को प्रति लीटर दूध पर ₹10 सब्सिडी दो।
  • 60 साल की उम्र से सभी पुरुष एवं महिला किसानों को ₹5000 मासिक पेंशन दो।
  • सस्ते दर पर खाद-बीज, कीटनाशक,अन्य कृषि सामग्री तथा कृषि यंत्र की उपलब्धता सुनिश्चित करो।
  • बंद पड़े सभी चीनी,जूट एवं पेपर मिलो को पुनः चालू करो,चीनी मिल पर बकाया राशि का ब्याज सहित किसानों को भुगतान करो,गन्ना का मूल्य ₹600 प्रति क्विंटल निर्धारित करो।
  • बटाईदार किसानों का निबंधन कर सभी सरकारी सुविधा प्रदान करो।
  • बिहार में सर्वे के नाम पर किसानों की हो रही लूट बंद करो,जमीन की ऑनलाइन परिमार्जन में गड़बड़ी पर सख्ती से रोक लगाओ।
  • मनरेगा को कृषि कार्य से जोड़ा जाए,साल में कम से कम 200 दिन काम की गारंटी और ₹600 दैनिक मजदूरी दिया जाए।

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