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अध्यापक नियमावली 2023 : नियोजित शिक्षक परीक्षा दे कर नहीं उठायेंगे आत्मघाती कदम : BSTA

अगले विधान मंडल सत्र के वक्त पटना में निर्णायक संघर्ष करने की तैयारी में शिक्षक संगठन - शत्रुघ्न प्रसाद सिंह

बिहार अध्यापक नियमावली 2023 के विरुद्ध बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ (BSTA) द्वारा विगत 22 मई से ही राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित सत्याग्रह और धरना का आज आठवाँ दिन है। आज भी शिक्षक अपने मांग के साथ धरना पर डटे रहे। धरना पर बैठे नियोजित शिक्षक बिना शर्त राज्य के सरकारी कर्मी का दर्जा जाते हैं, जबकि नई अध्यापक नियमावली में इसके लिए बीपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण करने की शर्त रखी गई है। धरना स्थल पर विभिन्न राजनीतिक दलों, संगठनों एवं जन प्रतिनिधियों का समर्थन भी मिल रहा है। इस बीच बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव व पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कहा है कि लगातार शिक्षा विभाग और आयोग की बैठकों का सिलसिला जारी है, लेकिन अध्यापक नियमावली 2023 की विसंगतियों के संबंध में निर्णय नहीं होने से शिक्षकों में काफी अंसतोष है।

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शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कहा कि पूर्व से कार्यरत नियोजित शिक्षकोें के लिए कंडिका-8 के लिए किसी भी प्रकार की प्रक्रिया का निर्धारण अभी तक नहीं हुआ है। 1 लाख 78 हजार कुल सृजित पदों में छठे वर्ग से आठवें वर्ग तक के लिए सृजित 1742 पदों के अतिरिक्त भी कुछ पदों को जानबूझ कर छोड़ दिया गया है। यह भी बेरोजगारों से संभावित रोजी-रोटी छीनने की साजिश है।

शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कहा कि लगभग दो महीने बीतने के बावजूद राज्य सरकार द्वारा वार्ता के लिए समय नहीं देना जानबूझ कर शिक्षकों को उकसाने और आक्रोशित करने का काम किया जा रहा है। विभाग और आयोग के लाख प्रयास के बावजूद राज्यकर्मी के रूप में समायोजन के बिना शिक्षक परीक्षा देकर आत्मघाती कदम नहीं उठा सकेंगे। शिक्षक आम-अवाम के बीच शिक्षक, शिक्षा एवं शिक्षार्थी विरोधी सरकारी नीति के खिलाफ तैयारी करेंगे और विधान मंडल के सत्र में लाखों शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा की मांग पर जोर डालने के लिए निर्णायक संघर्ष की तैयारी भी करेंगे।

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