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12 जनवरी को छात्र संगठनों का संसद मार्च, AISF का विद्यार्थियों से दिल्ली चलने का अपील।

नई शिक्षा नीति - 2020 के खिलाफ और भगत सिंह रोजगार गारंटी एक्ट के लिए हो रहा संसद मार्च

समस्तीपुर: नई शिक्षा नीति – 2020 के खिलाफ छात्र संगठनों ने विद्यार्थियों की गोलबंदी शुरू कर दिया है. आगामी 12 जनवरी को एआईएसएफ सहित कई अन्य वामपंथी व जनतांत्रिक छात्र संगठनों ने संयुक्त संसद मार्च का आह्वान किया है. इस संसद मार्च में देश भर से हजारो छात्र छात्राए शामिल होगे. संसद मार्च के प्रमुख मांगों में से एक ‘ भगत सिंह राष्ट्रीय रोजगार गारंटी एक्ट (BNEGA) लागू करना है. इस सिलसिले में छात्र संगठनों मार्च की तयारी शुरू कर दिया है.

मंगलवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन(एआईएसएफ) की जिला परिषद के विस्तारित बैठक बंगाली टोला स्थित कार्यालय में आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सुधीर कुमार ने किया. मीटिंग में शोक प्रस्ताव एलएनएमयू संयोजक अविनाश कुमार ने पेश किया. संगठन के पिछले कार्यों की रिपोर्ट जिला सह सचिव अभिषेक आनंद ने रखा। बैठक को संबोधित करते हुए एलएनएमयू संयोजक अविनाश कुमार ने कहा कि भाजपा नीत मौजूदा केंद्र सरकार के शासनकाल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर हमला भारत में खतरनाक ऊंचाइयों को छू रहा है. आरएसएस समर्थित सरकार का लक्ष्य न केवल सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को कमजोर और नष्ट करना है, बल्कि वह शिक्षा प्रणाली को एक सांप्रदायिक, विनाशकारी योजना से बदलना चाहती है. आगे उन्होंने कहा भाजपा सरकार ने पाठ्यपुस्तकों से देश के नाम ‘इंडिया’ को हटाने का प्रयास भी शुरू कर दिया है. नई शिक्षा नीति – 2020 ‘वाणिज्यीकरण, भगवाकरण और निजीकरण’ को बढ़ावा दे रही है. बीजेपी सामाजिक न्याय के विचार के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि सरकार को स्कूल से लेकर स्नातक स्तर तक मुफ्त शिक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए. भगत सिंह राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम लाने के लिए 12 जनवरी को संसद मार्च में चलने की अपील किया।

मौके पर जिला परिषद सदस्य अर्जुन कुमार, चंदन कुमार शर्मा, अनुज कुमार,मनीष कुमार शर्मा , सूरज कुमार, पंकज कुमार, सुमित कुमार सिंह, आदि मौजूद रहे।

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